
रोहन हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, परिजनों के साथ ही सोरम के रिश्तेदार बोले—कहानी में कई सवाल, गुत्थी अभी बाकी जीजा-साला मुठभेड़ में गिरफ्तार, बाइक-एप्पल मोबाइल समेत सामान बरामद करने का दावा कार की टक्कर के बाद पहचान उजागर होने के डर से हत्या की पुलिस की कहानी पर परिजनों को भरोसा नहीं
रोहन हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, परिजनों के साथ ही सोरम के रिश्तेदार बोले—कहानी में कई सवाल, गुत्थी अभी बाकी
जीजा-साला मुठभेड़ में गिरफ्तार, बाइक-एप्पल मोबाइल समेत सामान बरामद करने का दावा
कार की टक्कर के बाद पहचान उजागर होने के डर से हत्या की पुलिस की कहानी पर परिजनों को भरोसा नहीं


मुजफ्फरनगर। हरेंटी गांव के ग्राम प्रधान विवेक राठी के 18 वर्षीय पुत्र रोहन राठी हत्याकांड में पुरकाजी पुलिस ने जीजा-साले को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर घटना का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कार से बाइक में टक्कर लगने के बाद पहचान सामने आने के डर से रोहन की मुंह दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मृतक की बाइक, एप्पल मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, घटना में प्रयुक्त कार और दो तमंचे बरामद करने का दावा किया है। हालांकि पुलिस की इस कहानी से मृतक के परिजन संतुष्ट नहीं हैं। वहीं रोहन के रिश्तेदारों के गांव सोरम में भी पुलिस के खुलासे को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि गुरुवार सुबह हरेंटी के जंगल में रोहन राठी का शव खेत में मिला था। पोस्टमार्टम में मुंह दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। घटना के खुलासे के लिए चार पुलिस टीमों को लगाया गया था। पुलिस के अनुसार देर रात भैसानी पुल के नीचे चेकिंग के दौरान संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया गया तो उसमें सवार लोगों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में नाजिम निवासी संगीपुर, थाना लक्सर, हरिद्वार और उसका साला शावेज निवासी जहीरपुर, थाना देवबंद घायल हो गए।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में नाजिम ने बताया कि बुधवार रात वह अपनी ससुराल जहीरपुर जा रहा था। हरेटी-जहीरपुर मार्ग पर उसे बाइक के पास रोहन दिखाई दिया। कथित रूप से किसी अनहोनी की आशंका में उसने कार से बाइक में टक्कर मार दी। बाद में वह शावेज के साथ दोबारा मौके पर पहुंचा। वहां रोहन की पहचान होने के बाद दोनों घबरा गए और उसका मुंह दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी उसकी बाइक और मोबाइल लेकर फरार हो गए।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना का खुलासा करने की बात कही है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को बाइक लेकर जाते हुए सीसीटीवी में देखा गया है। मंगलौर में छिपाकर रखी गई रोहन की आरवन-5 बाइक भी बरामद कर ली गई।

सोरम में पुलिस की कहानी पर उठ रहे सवाल
रोहन राठी के पिता विवेक राठी के ननिहाल सोरम गांव में है। घटना के बाद से सोरम में भी शोक का माहौल है। यहां मौजूद रिश्तेदारों का कहना है कि सिर्फ बाइक में टक्कर लगने और पहचान सामने आने के डर से हत्या कर देने की पुलिस की कहानी कई सवाल खड़े करती है। उनका कहना है कि मामले की गहराई से जांच कर हत्या की वास्तविक वजह सामने लाई जानी चाहिए।
परिजनों का भी कहना है कि वे पुलिस के इस खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं। उनका मानना है कि घटना के पीछे की वास्तविक वजह की जांच आवश्यक है। सोरम के रिश्तेदारों ने भी पुलिस से मामले की हर कड़ी को बारीकी से जोड़कर जांच करने की मांग की है, ताकि असली सच्चाई सामने आ सके।
बेटे की मौत से परिवार में कोहराम
रोहन अपने परिवार का अकेला चिराग था। उसकी हत्या से हरेंटी गांव में मातम पसरा है, जबकि सोरम स्थित रिश्तेदारों में भी गहरा शोक है। शुक्रवार को भाकियू सुप्रीमो चौधरी नरेश टिकैत, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, पुरकाजी के पूर्व विधायक प्रमोद ऊंटवाल समेत अनेक राजनीतिक एवं सामाजिक लोगों ने हरेंटी पहुंचकर प्रधान विवेक राठी और उनके परिवार को सांत्वना दी।
एसएसपी ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है। ऐसे में पुलिस के खुलासे पर उठ रहे सवालों के बीच अब जांच के आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि रोहन की हत्या की वास्तविक वजह क्या थी।











