सोरम की बेटियों ने कबड्डी में दिखाया दम, 17 अंकों से जीता खिताब फाइनल में गुज्जरहेड़ी को दी करारी शिकस्त, काकड़ा की टीम रही तीसरे स्थान पर

सोरम की बेटियों ने कबड्डी में दिखाया दम, 17 अंकों से जीता खिताब
फाइनल में गुज्जरहेड़ी को दी करारी शिकस्त, काकड़ा की टीम रही तीसरे स्थान पर


शाहपुर। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर रविवार को ऐतिहासिक गांव सोरम में आयोजित बालिका ओपन कबड्डी प्रतियोगिता में स्थानीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में सोरम की बेटियों ने बेहतरीन तालमेल, मजबूत डिफेंस और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए गुज्जरहेड़ी की टीम को 17 अंकों के बड़े अंतर से शिकस्त दी। प्रतियोगिता में क्षेत्र की आठ टीमों ने हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला क्रीड़ा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और आत्मविश्वास बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण जरिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की भरमार है, लेकिन उन्हें आगे बढ़ने के लिए उचित मंच और अवसर की जरूरत होती है। बालिकाओं को खेलों से जोड़ना आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। ऐसी प्रतियोगिताएं बेटियों को अपनी प्रतिभा साबित करने के साथ-साथ प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का रास्ता खोलती हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां किसी भी मायने में पीछे नहीं हैं। यदि उन्हें नियमित प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाएं मिलें तो वे बड़े स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकती हैं।


जिला ओलंपिक संघ के सह सचिव मास्टर रामपाल सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को खेलों के प्रति जागरूक एवं प्रोत्साहित करना तथा उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना था। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल की बालिकाएं लगातार विभिन्न खेलों में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होने के साथ खेलों के प्रति रुचि भी बढ़ती है।


प्रतियोगिता में शुरू से ही खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। कई मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार रेड और बेहतरीन डिफेंस से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। फाइनल मुकाबला मेजबान सोरम और गुज्जरहेड़ी की टीम के बीच हुआ। मुकाबले की शुरुआत से ही सोरम की टीम ने आक्रामक रणनीति अपनाते हुए बढ़त बना ली। गुज्जरहेड़ी की खिलाड़ियों ने वापसी के लिए भरपूर प्रयास किया, लेकिन सोरम की खिलाड़ियों ने शानदार खेल का सिलसिला जारी रखते हुए मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी।


फाइनल में सोरम की टीम ने 27 अंक हासिल किए, जबकि गुज्जरहेड़ी की टीम 10 अंक ही जुटा सकी। सोरम ने 17 अंकों के अंतर से जीत दर्ज कर प्रतियोगिता का प्रथम स्थान हासिल किया। गुज्जरहेड़ी की टीम को द्वितीय तथा काकड़ा की टीम को तृतीय स्थान मिला।


मास्टर रामपाल सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन निरंतर जारी रहना चाहिए, ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलता रहे। उन्होंने प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।


प्रतियोगिता में रेफरी की भूमिका राकेश कुमार, गौरव कुमार, अनिल कुमार, अनु और कविता ने निभाई। इस अवसर पर रिटायर्ड सूबेदार सुरेन्द्र सिंह, समाजसेवी डॉ. लोकेंद्र कुमार, ऋषिपाल चेयरमैन, मांगेराम,बालेंद्र खलीफा, तीरंदाजी संघ के जिलाध्यक्ष विपिन बालियान, जितेंद्र सिंह, सोनू काबा, देशपाल सिंह, तेजपाल सिंह, मास्टर रजनीश कुमार सहित बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं ग्रामीण मौजूद रहे।


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