यूरिया खाद के लिए किसानों की लंबी कतारें, कई गांवों के सैकड़ों किसान पहुंचे केंद्र, पुलिस की मौजूदगी में हुआ वितरण खेती का काम छोड़ धूप में घंटों लाइन में खड़े किसान, समय पर खाद न मिलने से फसल प्रभावित होने की आशंका

यूरिया खाद के लिए किसानों की लंबी कतारें, कई गांवों के सैकड़ों किसान पहुंचे केंद्र, पुलिस की मौजूदगी में हुआ वितरण

खेती का काम छोड़ धूप में घंटों लाइन में खड़े किसान, समय पर खाद न मिलने से फसल प्रभावित होने की आशंका

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शाहपुर। क्षेत्र में यूरिया खाद की कमी को लेकर किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। किसान सेवा सहकारी समितियों तथा किसान सेवा केंद्रों पर प्रतिदिन किसानों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। किसान अपनी खेती-बाड़ी का कार्य छोड़कर तेज धूप और गर्मी के बीच घंटों लाइन में लगकर यूरिया खाद प्राप्त करने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें आवश्यकता के अनुसार खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा खाद की पर्याप्त उपलब्धता के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके विपरीत दिखाई दे रहे हैं।
बुधवार को मुजफ्फरनगर रोड स्थित शाहपुर कस्बे के कृभको किसान सेवा केंद्र पर यूरिया खाद लेने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई दिनों से यूरिया खाद की आपूर्ति न होने के कारण क्षेत्र के गांव सोरम, पलड़ा, पलड़ी, मुबारकपुर, धनायन, काकड़ा, रसूलपुर, बसधड़ा, दिनकरपुर, चांदपुर सहित आसपास के अनेक गांवों से सैकड़ों किसान केंद्र पर पहुंच गए। भारी भीड़ के कारण केंद्र पर अव्यवस्था जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
स्थिति को संभालने के लिए शाहपुर पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। पुलिसकर्मियों ने किसानों को समझाते हुए व्यवस्था बनाई तथा अपनी मौजूदगी में किसानों को खाद वितरण कराया। पुलिस की निगरानी में किसानों को लाइनबद्ध तरीके से खाद उपलब्ध कराई गई, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
क्षेत्र के अनेक किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें उनकी जमीन और फसल की आवश्यकता के अनुरूप यूरिया खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। किसानों का कहना है कि कभी किसान सेवा सहकारी समितियों पर लाइन लगानी पड़ती है तो कभी निजी किसान सेवा केंद्रों पर जाकर घंटों इंतजार करना पड़ता है। इससे उनका कीमती समय बर्बाद हो रहा है और खेती के अन्य जरूरी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
किसान संजीव कुमार, सुनील कुमार, अशोक कुमार, विपिन बालियान, शकील अहमद, अखलाक चौधरी, बदल बालियान, विकास बालियान और धर्मेंद्र सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि वर्तमान समय खेती के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे समय में खेतों में कार्य करने के बजाय किसानों को खाद लेने के लिए लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि कई स्थानों पर फार्मर आईडी की प्रक्रिया और सीमित वितरण के कारण भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि यूरिया की उपलब्धता कम होने के कारण कई बार उन्हें निर्धारित मात्रा से कम खाद दी जा रही है, जिससे खेतों में समय पर खाद नहीं डाली जा पा रही है। किसानों ने बताया कि यदि फसलों को सही समय पर यूरिया नहीं मिली तो इसका सीधा असर फसल उत्पादन पर पड़ेगा और उपज में कमी आने की संभावना बढ़ जाएगी।
क्षेत्र के किसानों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि खेती पहले से ही बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और बाजार की समस्याओं से जूझ रही है। ऐसे में समय पर खाद उपलब्ध न होना किसानों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर सकता है। किसानों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो उनकी आमदनी प्रभावित होगी और कई परिवार आर्थिक संकट का सामना करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
किसानों ने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि क्षेत्र में यूरिया खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा वितरण व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि किसानों को अपनी जरूरत के अनुसार समय पर खाद मिल सके और उन्हें अनावश्यक रूप से घंटों लाइन में खड़ा न रहना पड़े।

कस्बा स्तिथ कृभको किसान सेवा केंद्र के संचालक ने बताया कि यूरिया खाद नियमित रूप से आ रहा है तथा किसानों में तुरंत वितरण किया जा रहा है।केंद्र से इस सीजन में बड़ी मात्रा में यूरिया खाद वितरित किया जा चुका है।


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