सहकारी समितियों में जमीन बंधक बनाने की प्रक्रिया पर किसानों ने जताई आपत्ति, सचिव ने दिया समाधान का आश्वासन

सहकारी समितियों में जमीन बंधक बनाने की प्रक्रिया पर किसानों ने जताई आपत्ति, सचिव ने दिया समाधान का आश्वासन


शाहपुर। सहकारी समितियों द्वारा किसानों को ऋण, खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए उनकी कृषि भूमि को बंधक बनाए जाने की प्रक्रिया के विरोध में गांव गोयला के किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला सहकारी बैंक मुजफ्फरनगर के सचिव से मिला। किसानों ने इस व्यवस्था को उनके हितों के विरुद्ध बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग की। सचिव ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें पूर्व की भांति शपथ पत्र और खतौनी के आधार पर सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
जानकारी के अनुसार गांव गोयला के किसान व प्रमुख समाजसेवी राज सिंह आर्य एवं अनिल चौधरी के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल गत दिवस जिला सहकारी बैंक मुजफ्फरनगर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने जिला सहकारी बैंक के सचिव राजेश कुमार से मुलाकात कर किसानों की विभिन्न समस्याओं को विस्तार से रखा। किसानों ने बताया कि पूर्व में सहकारी समितियों द्वारा किसानों को उनकी भूमि की खतौनी और शपथ पत्र के आधार पर हिस्सेदारी निर्धारित करते हुए खाद, बीज तथा ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जाती थी। इस व्यवस्था से किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती थी और वे आसानी से सहकारी समितियों की सेवाओं का लाभ उठा लेते थे।
किसानों का कहना था कि पिछले कुछ समय से सहकारी समितियों द्वारा खाद, बीज और ऋण उपलब्ध कराने के लिए किसानों की कृषि भूमि को समिति के पास बंधक रखने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इससे किसानों के सामने नई समस्याएं खड़ी हो गई हैं। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि सहकारी समितियों से किसानों को सीमित मात्रा में खाद और अपेक्षाकृत कम ऋण मिलता है, जबकि राष्ट्रीयकृत बैंक किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से किसानों को लाखों रुपये तक का ऋण कम ब्याज दरों पर उपलब्ध कराते हैं।
किसानों ने सचिव को अवगत कराया कि जब उनकी भूमि सहकारी समिति में बंधक हो जाती है तो राष्ट्रीयकृत बैंक उन्हें कृषि ऋण देने में असमर्थता जताते हैं। परिणामस्वरूप किसान बड़े स्तर पर कृषि कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं कर पाते। इससे खेती-किसानी प्रभावित होने के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। किसानों ने मांग की कि सहकारी समितियों में भूमि बंधक बनाने की अनिवार्यता समाप्त कर पूर्व की व्यवस्था बहाल की जाए।
जिला सहकारी बैंक के सचिव राजेश कुमार ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना बैंक और सहकारी समितियों की जिम्मेदारी है। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूर्व की भांति शपथ पत्र एवं खतौनी के आधार पर किसानों को खाद, बीज और समिति से मिलने वाला ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सचिव ने यह भी कहा कि किसानों को उनके हिस्से और पात्रता के अनुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी तथा ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी जिससे उन्हें राष्ट्रीयकृत बैंकों से ऋण प्राप्त करने में भी कोई बाधा न आए।
इस अवसर पर प्रमुख समाजसेवी राज सिंह आर्य, अनिल चौधरी, राममेहर सिंह, कपिल चौधरी, सत्येंद्र फौजी सहित अनेक किसान उपस्थित रहे। किसानों ने सचिव द्वारा दिए गए आश्वासन पर संतोष व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि जल्द ही उनकी समस्या का स्थायी समाधान होगा।


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