
पीठ वाले मैदान की भूमि विवाद में आर्य परिवार के पक्ष में अदालत का फैसला, ढोल-नगाड़ों के साथ मनाया जश्न 51 वर्षों से चल रही कानूनी लड़ाई में मिली जीत, दीपावली से पहले फैसले से खुशी में झूमे आर्य परिवार के सदस्य और ग्रामीण
पीठ वाले मैदान की भूमि विवाद में आर्य परिवार के पक्ष में अदालत का फैसला, ढोल-नगाड़ों के साथ मनाया जश्न
51 वर्षों से चल रही कानूनी लड़ाई में मिली जीत, दीपावली से पहले फैसले से खुशी में झूमे आर्य परिवार के सदस्य और ग्रामीण

शाहपुर, मुजफ्फरनगर। शाहपुर के पीठ वाले मैदान की भूमि को लेकर नगर पंचायत शाहपुर और आर्य परिवार के बीच लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद में न्यायालय द्वारा आर्य परिवार के पक्ष में फैसला सुनाए जाने के बाद परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। गुरुवार को फैसला आने के बाद आर्य परिवार के सदस्यों ने पीठ वाले मैदान पर एकत्रित होकर ढोल-नगाड़े बजाए और आतिशबाजी कर जमकर जश्न मनाया। दीपावली पर्व से पहले आए इस फैसले के स्वागत में मैदान पर दीपावली जैसा माहौल दिखाई दिया। आर्य परिवार की खुशी में उनके गांव रसूलपुर से भी बड़ी संख्या में लोग और मित्रगण शामिल हुए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, टाउन एरिया कमेटी शाहपुर की ओर से पीठ वाले मैदान में स्थित खसरा नंबर 877, नया नंबर 421, रकबा चार बीघा 19 बिस्वे तथा खसरा नंबर 878, नया नंबर 420, रकबा दो बीघा 10 बिस्वे भूमि पर मालिकाना हक का दावा किया गया था। इस संबंध में 19 अगस्त 1963 को मेहर इलाही खां और अता इलाही द्वारा ईलमचंद आर्य आदि के पक्ष में किए गए बैनामे को निरस्त कराने और भूमि पर कब्जा लेने के लिए मुकदमा दायर किया गया था।

टाउन एरिया कमेटी की ओर से वर्ष 1975 में दायर वाद को 30 नवंबर 2017 को स्वीकार किया गया था। इस निर्णय के विरुद्ध सत्यवीर आर्य आदि ने जिला न्यायालय में सिविल अपील संख्या 100/2017 दायर की थी। मामले की सुनवाई अपर जिला जज, एफटीसी कोर्ट संख्या-3, मुजफ्फरनगर में न्यायिक अधिकारी रवि कुमार दिवाकर की अदालत में हुई।
आर्य परिवार की ओर से अधिवक्ता अभय बिहारी लाल गुप्ता और अमित गुप्ता ने पैरवी की। सुनवाई पूरी होने के बाद 22 अक्टूबर 2026 को न्यायालय ने अपील स्वीकार करते हुए सत्यवीर आर्य आदि के पक्ष में फैसला सुनाया।
फैसले की जानकारी मिलते ही आर्य परिवार के सदस्य और उनके मित्र पीठ वाले मैदान पर एकत्रित हो गए। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया गया। रसूलपुर गांव से पहुंचे लोगों ने भी जश्न में शामिल होकर परिवार को बधाई दी। मैदान पर काफी देर तक उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।
आर्य परिवार के लिए यह फैसला लंबे समय से चली आ रही कानूनी लड़ाई में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। करीब 51 वर्षों से चले आ रहे इस विवाद में न्यायालय का निर्णय आने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। दीपावली से पहले मिली इस कानूनी जीत ने परिवार की खुशियों को दोगुना कर दिया।











