ग्रामीण पत्रकारों के अनिवार्य पंजीकरण, आयुष्मान योजना और आर्थिक सुरक्षा को लेकर पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने मुख्यमंत्री को भेजे सुझाव
ग्रामीण पत्रकारों के अनिवार्य पंजीकरण, आयुष्मान योजना और आर्थिक सुरक्षा को लेकर पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने मुख्यमंत्री को भेजे सुझाव
मुजफ्फरनगर। ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों की समस्याओं, पत्रकारिता की गुणवत्ता तथा उनकी आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा को लेकर पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सीफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक बालियान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। गत दिवस को भेजे गए पत्र में ग्रामीण पत्रकारों के अनिवार्य पंजीकरण से लेकर आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा, पत्रकार सुरक्षा कानून, सम्मान पेंशन और ग्रामीण मीडिया फंड तक की मांगें उठाई गई हैं।
पत्र में कहा गया है कि प्रदेश स्तरीय संगठन जनपद मुजफ्फरनगर के कस्बा शाहपुर में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। संगठन द्वारा 6 सितंबर को शाहपुर में आयोजित सम्मान समारोह का उल्लेख करते हुए कहा गया कि पत्रकारों की समस्याओं और उनकी आर्थिक सुरक्षा को लेकर ठोस नीतिगत कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
अशोक बालियान ने सुझाव दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पत्रकारिता की गरिमा और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अनिवार्य सर्टिफिकेशन (Bridge Course) की व्यवस्था की जाए। इसके लिए किसी सरकारी विश्वविद्यालय, जैसे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के माध्यम से ग्रामीण पत्रकारों के लिए छह माह अथवा एक वर्ष का ऑनलाइन/ब्रिज सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने का सुझाव दिया गया है। इसमें पत्रकारिता के मूल नियम, कानून, संवैधानिक सीमाएं और पत्रकारिता की नैतिकता की जानकारी दी जाए।
उन्होंने वर्तमान ग्रामीण पत्रकारों को अपनी पत्रकारिता जारी रखने और आधिकारिक मान्यता प्राप्त करने के लिए दो वर्ष के भीतर सर्टिफिकेशन कोर्स पूरा करने की समय-सीमा तय करने तथा भविष्य में नए पत्रकारों के लिए इसे बुनियादी योग्यता बनाए जाने की मांग की है।
पत्र में प्रत्येक जिले में कार्यरत ग्रामीण, तहसील और कस्बाई पत्रकारों का जिला सूचना अधिकारी (DIO) कार्यालय में अनिवार्य पंजीकरण कराने की व्यवस्था करने की मांग की गई है। इसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता, प्रशिक्षण, संस्था का अधिकार पत्र और स्थानीय निवास प्रमाण जैसे स्पष्ट नियम निर्धारित करने तथा प्रदेश के सभी जिलों में समान सरकारी आदेश जारी करने का सुझाव दिया गया है।
ग्रामीण पत्रकारों और उनके परिवारों को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना से जोड़ने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। पत्र में कहा गया कि ग्रामीण पत्रकार 24 घंटे कार्य करते हैं और गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। इसलिए पंजीकृत पत्रकारों एवं उनके परिवारों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराकर पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार सुनिश्चित किया जाए।
आर्थिक सुरक्षा के लिए ‘ग्रामीण पत्रकार विज्ञापन फंड’ (Rural Media Fund) गठित करने का सुझाव देते हुए सरकारी विज्ञापनों की नीति में बदलाव कर कुल विज्ञापन बजट का 5 से 10 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय एवं ग्रामीण समाचार पत्रों, न्यूज पोर्टल और चैनलों के लिए आरक्षित करने की मांग की गई है। इससे ग्रामीण पत्रकारों को नियमित आय और उचित पारिश्रमिक मिल सकेगा।
इसके अलावा महाराष्ट्र की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ लागू करने, पत्रकारों के खिलाफ हिंसा या धमकी देने वाले अपराधों को गैर-जमानती बनाने तथा गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष पुलिस व्यवस्था की मांग की गई है।
पत्र में 60 वर्ष की आयु पार कर चुके और कम से कम 10 वर्ष से पंजीकृत ग्रामीण पत्रकारों के लिए 10 हजार रुपये मासिक सम्मान पेंशन तथा पत्रकारों के लिए 10 लाख रुपये की दुर्घटना बीमा कवरेज की व्यवस्था करने का सुझाव भी दिया गया है।
अशोक बालियान ने मुख्यमंत्री से ग्रामीण पत्रकारों की इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए प्रदेश में पत्रकारों की सामाजिक, आर्थिक और व्यावसायिक सुरक्षा को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक नीतिगत निर्णय लेने की अपेक्षा की है।











