
सोरम बिजलीघर का ग्रामीणों ने किया घेराव, आश्वासन पर धरना समाप्त
सोरम बिजलीघर का ग्रामीणों ने किया घेराव, आश्वासन पर धरना समाप्त

शाहपुर। क्षेत्र के गांव सोरम में लगातार हो रही अंधाधुंध विद्युत कटौती और बिना ग्रामीणों की सहमति घरेलू विद्युत कनेक्शनों का भार तीन किलोवाट किए जाने को लेकर बुधवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र बालियान के नेतृत्व में ग्राम अध्यक्ष चंद्रवीर सिंह, पूर्व ग्राम अध्यक्ष विकास बालियान, बिजेंद्र चेयरमैन, अखलाक चौधरी, सीटू बालियान, ग्राम सचिव संजय कुमार, लोकेंद्र बालियान, तीरंदाजी संघ के जिलाध्यक्ष विपिन बालियान, हरेन्द्र फौजी, लल्ला, शहिदू सहित सैकड़ों ग्रामीण सोरम बिजलीघर पहुंचे और घेराव कर धरना शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से गांव की विद्युत आपूर्ति में लगातार कटौती की जा रही है। कांवड़ यात्रा के दौरान भी पूर्व वर्षों में ग्रामीण क्षेत्र को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति दी जाती थी, लेकिन इस बार शासन द्वारा निर्धारित 18 घंटे की आपूर्ति भी पूरी नहीं की जा रही है। लगातार बिजली कटौती के कारण ग्रामीणों में काफी समय से रोष बना हुआ था।

धरने की सूचना पर एक्सईएन अजित सिंह यादव और एसडीओ गुफरान अहमद मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि शासनादेश के अनुसार आबादी क्षेत्र को निर्बाध 18 घंटे विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बिना सहमति घरेलू कनेक्शनों का भार तीन किलोवाट किए जाने का निर्णय वापस लेकर ग्रामीण क्षेत्र में दो किलोवाट का कनेक्शन ही लागू रखने की मांग की।
ग्रामीणों ने गांव में जर्जर हो चुके विद्युत तारों को तत्काल बदलने तथा रात के समय भी लाइनमैन की तैनाती किए जाने की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना था कि जर्जर तारों के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है और रात में विद्युत संबंधी खराबी होने पर समय से समाधान नहीं हो पाता।
एक्सईएन अजित सिंह यादव और एसडीओ गुफरान अहमद ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र निस्तारण कराया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही गांव में विद्युत विभाग की ओर से कैंप लगाया जाएगा, जिसमें ग्रामीणों की विद्युत संबंधी समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाएगा।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा।











