राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर बच्चों को खिलाई गई एल्बेन्डाजोल की गोली

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर बच्चों को खिलाई गई एल्बेन्डाजोल की गोली


शाहपुर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (NDD) के अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी राहुल कुमार एवं मुख्य सेविका कुमारी साक्षी के निर्देशन में शुक्रवार को ग्राम सोरम और गोयला के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को एल्बेन्डाजोल की टैबलेट खिलाई गई। अभियान का उद्देश्य बच्चों को पेट के कीड़ों की समस्या से मुक्त कर उनके स्वास्थ्य पर कृमि संक्रमण के कारण पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम करना है।
इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचने वाले नन्हे बच्चों को स्वास्थ्य विभाग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार एल्बेन्डाजोल की गोली खिलाई गई। बाल विकास परियोजना अधिकारी राहुल कुमार ने कहा कि बच्चों के स्वस्थ शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए उन्हें कृमि संक्रमण से बचाना बेहद जरूरी है। पेट में कीड़े होने के कारण बच्चों में कमजोरी, भूख कम लगना, पोषण की कमी तथा एनीमिया जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के माध्यम से बच्चों को समय-समय पर कृमिनाशक दवा खिलाना उनके बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


उन्होंने कहा कि एल्बेन्डाजोल की टैबलेट बच्चों को कृमि संक्रमण से मुक्ति दिलाने के साथ-साथ शरीर में होने वाली रक्ताल्पता यानी एनीमिया की समस्या को कम करने में भी सहायक है। इससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार और उनके शारीरिक विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण पर विशेष ध्यान दें तथा उन्हें साफ-सफाई की आदतों के प्रति जागरूक करें।
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्री मिथलेश ने बच्चों को हाथ धोने, स्वच्छ भोजन एवं स्वच्छ पेयजल के महत्व के बारे में भी जानकारी दी । आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बच्चों और अभिभावकों को बताया कि खुले में शौच से बचने, भोजन से पहले और शौच के बाद हाथ धोने तथा नाखून साफ रखने से कृमि संक्रमण को काफी हद तक रोका जा सकता है।


इस अवसर पर आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के साथ तिरंगा रैली का भी आयोजन किया गया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के संदेश दिए। रैली के माध्यम से बच्चों को राष्ट्रीय ध्वज एवं राष्ट्रीय प्रतीकों की पहचान कराते हुए उनमें देशभक्ति की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्री मिथिलेश, राकेश, प्रीति, रेखा, सोनिया, बबीता, राजबाला, शेषमणि, सुमन, बबीता सेकंड, कमलेश सहित समस्त सहायिकाएं मौजूद रहीं।


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