एक्सप्रेसवे के दोनों ओर सर्विस रोड और पर्याप्त अंडरपास कानूनी रूप से अनिवार्य हों: अशोक बालियान

एक्सप्रेसवे के दोनों ओर सर्विस रोड और पर्याप्त अंडरपास कानूनी रूप से अनिवार्य हों: अशोक बालियान


मुजफ्फरनगर, 31 जुलाई। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने देश में निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को लेकर केंद्र सरकार से महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए मांग की है कि प्रत्येक एक्सप्रेसवे के दोनों ओर समानांतर सर्विस रोड तथा पर्याप्त संख्या में अंडरपास का मजबूत नेटवर्क कानूनी रूप से अनिवार्य किया जाए। उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री को पत्र भेजकर ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का स्थायी समाधान करने का आग्रह किया है।
अशोक बालियान ने अपने पत्र में कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे सहित देशभर में विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से जहां यातायात व्यवस्था में सुधार हो रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में अंडरपास और कट की मांग को लेकर लगातार विरोध-प्रदर्शन भी देखने को मिल रहे हैं। उनका कहना है कि एक्सप्रेसवे की सुरक्षा के दृष्टिकोण से बीच में कट देना उचित नहीं है, लेकिन स्थानीय लोगों की आवाजाही की समस्या को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।


उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर एक्सप्रेसवे के समानांतर सर्विस रोड का अभाव होने के कारण गांवों के लोगों, किसानों और छोटे व्यापारियों को अपने दैनिक आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। खेतों तक पहुंचने, कृषि कार्य करने और एक गांव से दूसरे गांव जाने के लिए लोगों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और आर्थिक संसाधनों दोनों की हानि होती है। यही स्थिति ग्रामीणों में असंतोष का कारण बनती है और वे आंदोलन करने को मजबूर हो जाते हैं।
बालियान ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि इंडियन रोड्स कांग्रेस (IRC) के मानकों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग हर 1.5 से 2 किलोमीटर की दूरी पर व्हीकुलर अंडरपास या पैदल यात्रियों एवं छोटे वाहनों के लिए पेडेस्ट्रियन अंडरपास की व्यवस्था की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि परियोजना लागत को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से कई बार इन मानकों की अनदेखी कर दी जाती है, जिससे स्थानीय जनता को लंबे समय तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने केंद्र सरकार को सुझाव दिया कि “अनिवार्य सर्विस रोड एवं सुगम ग्रामीण आवागमन नीति” बनाई जाए। इस नीति के तहत प्रत्येक एक्सप्रेसवे के दोनों ओर पूरी लंबाई में सर्विस रोड का निर्माण अनिवार्य किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग, वेयरहाउस, स्थानीय बाजार और अन्य आर्थिक गतिविधियों का विकास हो सके। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण युवाओं का शहरों की ओर पलायन भी कम होगा।
साथ ही उन्होंने मांग की कि ग्रामीण आबादी, कृषि भूमि और मवेशियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए निश्चित अंतराल पर पर्याप्त संख्या में अंडरपास बनाए जाएं। उनका कहना है कि यदि एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ निरंतर सर्विस रोड और पर्याप्त अंडरपास का सुदृढ़ नेटवर्क कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया जाए तो स्थानीय लोगों के विरोध-प्रदर्शन स्वतः समाप्त हो जाएंगे। इसके अलावा स्थानीय वाहनों के एक्सप्रेसवे पर चढ़ने से होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी तथा सड़क सुरक्षा को और अधिक मजबूती मिलेगी।
अशोक बालियान ने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार ग्रामीण भारत के विकास, सड़क सुरक्षा और जनसुविधाओं से जुड़े इस महत्वपूर्ण सुझाव पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगी, ताकि भविष्य में बनने वाले सभी एक्सप्रेसवे स्थानीय जनता के हितों और सुविधाओं को ध्यान में रखकर विकसित किए जा सकें।


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