
उत्तर प्रदेश में किसानों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज उपलब्ध होने चाहिए : अशोक बालियान
उत्तर प्रदेश में किसानों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज उपलब्ध होने चाहिए : अशोक बालियान

मुजफ्फरनगर, । पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विस्तृत सुझाव-पत्र भेजकर प्रदेश में किसानों के लिए “एक किसान–एक एप (UP Seed App)” आधारित पारदर्शी एवं डिजिटल बीज वितरण व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों की सबसे बड़ी आवश्यकता समय पर उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीजों की उपलब्धता है, लेकिन प्रत्येक फसल सीजन में किसानों को कभी सरकारी गोदामों में बीजों की कमी तो कभी बाजार में नकली एवं घटिया बीजों की समस्या का सामना करना पड़ता है।
अशोक बालियान ने कहा कि बीज की गुणवत्ता सीधे फसल उत्पादन को प्रभावित करती है। यदि किसान को सही समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज नहीं मिलता तो उसकी लागत बढ़ जाती है और उत्पादन प्रभावित होता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में लागू की गई बीज नीति-2026 के तहत प्रत्येक बीज पैकेट की एंड-टू-एंड ट्रेसेबिलिटी अनिवार्य की गई है, जिससे किसान यह जान सकता है कि बीज कहां तैयार हुआ है। इसके अलावा खरीफ और रबी सीजन में धान, गेहूं, दलहन एवं तिलहन के बीजों पर 30 से 50 प्रतिशत तक अनुदान भी दिया जा रहा है।
इसके बावजूद प्रदेश में सक्रिय बीज माफिया और अनधिकृत डीलर प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम पर नकली टैग एवं रैपर लगाकर कम गुणवत्ता और कम अंकुरण क्षमता वाले बीज बेच रहे हैं। इससे किसानों की मेहनत, समय और धन तीनों की हानि हो रही है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए उन्होंने प्रदेश स्तर पर एक एकीकृत मोबाइल एप विकसित करने का सुझाव दिया है।
प्रस्तावित “एक किसान–एक एप” के माध्यम से प्रत्येक पंजीकृत किसान अपनी खतौनी के आधार पर आवश्यक बीज की मात्रा ऑनलाइन बुक कर सकेगा। एप पर बीज की उपलब्धता, निकटतम सरकारी गोदाम की स्थिति तथा लाइव स्टॉक की जानकारी उपलब्ध रहेगी। बीज आवंटन किसान के आधार से लिंक होगा, जिससे कालाबाजारी और फर्जी खरीद पर रोक लगेगी। साथ ही सरकारी सब्सिडी की राशि सीधे डिजिटल माध्यम से बुकिंग के समय ही समायोजित की जा सकेगी।
अशोक बालियान ने सुझाव दिया कि प्रत्येक बीज पैकेट पर क्यूआर कोड और यूनिक ट्रैकिंग नंबर अनिवार्य किया जाए ताकि किसान बीज की वास्तविकता की जांच कर सके। नकली बीज बेचने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई, बुवाई से पहले सरकारी गोदामों में शत-प्रतिशत बीज उपलब्धता, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को बीज उत्पादन के लिए प्रोत्साहन तथा खराब या नकली बीज से प्रभावित किसानों को उचित क्षतिपूर्ति देने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि उनके सुझावों को लागू किया जाता है तो उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन सकता है जहां बीज उत्पादन से लेकर किसान तक वितरण की पूरी प्रक्रिया डिजिटल, पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त होगी। इससे किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध होंगे, नकली बीजों के कारोबार पर रोक लगेगी और प्रदेश की कृषि व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।











