
ग्रामीण पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाई गई बाबू बालेश्वर लाल की पुण्यतिथि
ग्रामीण पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाई गई बाबू बालेश्वर लाल की पुण्यतिथि

शाहपुर। कोहिनूर पब्लिक स्कूल में बुधवार को कलम के महान योद्धा एवं ग्रामीण पत्रकारों के हितों की आवाज बुलंद करने वाले ग्रामीण पत्रकारिता जगत के प्रेरणास्रोत स्वर्गीय बाबू बालेश्वर लाल की 39वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। वरिष्ठ पत्रकार रविंद्र कुमार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय पत्रकारों ने उनकी पुण्यतिथि को “ग्रामीण पत्रकारिता दिवस” के रूप में मनाते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वर्गीय बाबू बालेश्वर लाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इस दौरान क्षेत्र के अनेक पत्रकारों, समाजसेवियों एवं गणमान्य लोगों ने उपस्थित होकर उनके पत्रकारिता जीवन और संघर्षों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि बाबू बालेश्वर लाल ने ग्रामीण पत्रकारों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई को हमेशा मजबूती से उठाया तथा पत्रकारिता को समाज सेवा का माध्यम बनाया।
समाजसेवी नौशाद मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्गीय बाबू बालेश्वर लाल केवल पत्रकार नहीं थे, बल्कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों की आवाज थे। उन्होंने ग्रामीण अंचलों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाकर पत्रकारिता को नई दिशा देने का कार्य किया। आज के पत्रकारों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता करनी चाहिए।
पश्चिम प्रांत बुलेटिन संपादक विजय गोयल ने कहा कि बाबू बालेश्वर लाल ने पत्रकारिता को मिशन के रूप में अपनाया और जीवनभर ग्रामीण पत्रकारों के हितों की लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता अनेक चुनौतियों से गुजर रही है, ऐसे समय में बाबू बालेश्वर लाल के विचार और सिद्धांत पत्रकारों के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य समाज को जागरूक करना और सच्चाई को सामने लाना होना चाहिए।
नामित सभासद अभिषेक बालियान ने कहा कि स्वर्गीय बाबू बालेश्वर लाल का जीवन संघर्ष, ईमानदारी और समाज सेवा का प्रतीक था। उन्होंने पत्रकारों को एकजुट कर ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य किया। उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा लेती रहेंगी।


डॉ अनुज अग्रवाल ने कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता को निष्पक्ष बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे समय में बाबू बालेश्वर लाल जैसे पत्रकारों का जीवन युवाओं को सच्चाई और साहस के साथ पत्रकारिता करने की प्रेरणा देता है। वक्ताओं ने ग्रामीण पत्रकारों की समस्याओं पर भी चर्चा की और पत्रकार सुरक्षा एवं सम्मान की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर पत्रकार संदीप जैन, डॉ. अनुज अग्रवाल, अमन सैनी ठाकरान, भाग्य शर्मा, रविंद्र कुमार, खालिद सिद्दीकी एवं फूल सैयद सहित अन्य पत्रकार मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी नौशाद मलिक ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ पत्रकार डॉ. अनुज अग्रवाल द्वारा किया गया।
इसके अलावा मास्टर हसीन सैफी, संजय बालियान एवं सुखपाल सिंह सहित अनेक गणमान्य लोगों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। सभी वक्ताओं ने स्वर्गीय बाबू बालेश्वर लाल के पत्रकारिता के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें समाज और पत्रकार जगत के लिए प्रेरणास्रोत बताया।पत्रकार रविन्द्र कुमार ने सभी उपस्थित बन्धुओ का आभार व्यक्त किया।











