इतिहास अध्ययन में तकनीक का समावेश समय की मांग :कुलसचिव कमल कृष्ण 

इतिहास अध्ययन में तकनीक का समावेश समय की मांग :कुलसचिव कमल कृष्ण 


शाहपुर। कस्बा स्थित राजकीय महाविद्यालय में शुक्रवार को “इतिहास अध्ययन की नवीन तकनीकी” विषय पर एक प्रभावी अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में इतिहास के विद्वान प्रोफेसर डॉ. लालाबाबू गौड़ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते दौर में इतिहास का अध्ययन केवल पारंपरिक पुस्तकों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि डिजिटल अभिलेखागार, ई-लाइब्रेरी, ऑनलाइन शोध पोर्टल, ऑडियो-विजुअल सामग्री और इंटरएक्टिव प्लेटफॉर्म के माध्यम से इसे अधिक व्यापक और शोधपरक बनाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से मूल स्रोतों के अध्ययन, तथ्यों के विश्लेषण और स्थानीय इतिहास के संरक्षण की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर आदित्य कुमार ने किया। इस अवसर पर माँ शाकुंभरी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कमल कृष्ण ने महाविद्यालय का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, पुस्तकालय, प्रयोगात्मक संसाधनों एवं डिजिटल सुविधाओं का अवलोकन किया।
कुलसचिव डॉ. कमल कृष्ण ने अपने संबोधन में कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप तकनीक आधारित शिक्षण को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध संस्कृति और नवाचार को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट आधारित अध्ययन, डिजिटल रिसर्च और प्रेजेंटेशन कौशल की ओर प्रेरित करें। साथ ही विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे ऑनलाइन शैक्षणिक संसाधनों का सदुपयोग करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उच्च शिक्षा की तैयारी करें।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हरीश कुमार ने कुलसचिव का स्वागत करते हुए संस्थान की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं से अवगत कराया। कार्यक्रम को सफल बनाने में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संतरेश रानी, आशु प्रजापति, कार्यालय अधीक्षक अनुज कुमार, नितिन कुमार, धीरज कुमार व लीला आदि का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने विषय से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया।


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