
फर्जी बैंक खाते खुलवाकर साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, शाहपुर पुलिस ने चार अभियुक्त किए गिरफ्तार
फर्जी बैंक खाते खुलवाकर साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, शाहपुर पुलिस ने चार अभियुक्त किए गिरफ्तार

शाहपुर। थाना शाहपुर पुलिस ने साइबर फ्रॉड से जुड़े एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी निरीक्षक गजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में शाहपुर पुलिस लगातार अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है। इसी क्रम में साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह के सदस्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जानकारी के अनुसार थाना शाहपुर पुलिस टीम चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि कुछ लोग फ्रॉड के उद्देश्य से फर्जी आधार कार्ड लेने के लिए सोरम गेट क्षेत्र में मौजूद हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी गजेन्द्र सिंह के निर्देशन में उपनिरीक्षक विकास चौधरी, उपनिरीक्षक अभिषेक गुप्ता तथा पुलिस टीम तत्काल सोरम गेट-2 स्थित यात्री प्रतीक्षालय पहुंची। वहां चार संदिग्ध व्यक्ति बैठे मिले, जिन्हें पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सुमित कुमार पुत्र महेशचन्द्र निवासी ग्राम नगला पाय थाना भरथना जनपद इटावा, दुष्यन्त राठी पुत्र राजपाल निवासी ग्राम दरौली थाना बीबीनगर जनपद बुलन्दशहर, शिवम मिश्रा पुत्र दिनेश मिश्रा निवासी ग्राम देवड़ा थाना बलूआ जनपद चंदौली तथा साजिद पुत्र युसुफ निवासी ग्राम बरवाला थाना शाहपुर जनपद मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है।
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से दो पैन कार्ड, तीन एटीएम कार्ड, चार आधार कार्ड, तीन मोबाइल फोन, छह लेटर पैड (ओम कंस्ट्रक्शन) सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। इस मामले में थाना शाहपुर पर मुकदमा दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि वे लोग मिलकर साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले फर्जी बैंक खाते खुलवाने का काम करते थे। इसके लिए वे लोगों को लालच देकर अथवा गुमराह कर उनके बैंक खातों की जानकारी और दस्तावेज हासिल कर लेते थे। बाद में इन खातों को दिल्ली में रहने वाले एक व्यक्ति को सौंप दिया जाता था, जो लगातार अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क करता था। अभियुक्तों ने बताया कि उक्त व्यक्ति विभिन्न कंपनियों और फर्मों के नाम पर ऐसे बैंक खातों की मांग करता था जिनमें भारी मात्रा में धनराशि ट्रांसफर की जा सके। इसके बदले सभी अभियुक्तों को कमीशन के रूप में हिस्सा मिलता था।
पुलिस जांच में एक महत्वपूर्ण खुलासा यह भी हुआ कि गिरफ्तार अभियुक्त दुष्यंत राठी के मोबाइल फोन में मौजूद बैंक खाते को साइबर पोर्टल पर जांचने पर देश के विभिन्न राज्यों से 21 शिकायतें दर्ज मिलीं। वहीं अभियुक्त सुमित कुमार से जुड़े बैंक खातों पर 24 शिकायतें दर्ज पाई गईं। पुलिस अब अभियुक्तों के विस्तृत आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
थाना शाहपुर पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर फ्रॉड में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा ऐसे अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।










