अनुशासनहीनता और छात्रा की जन्मतिथि गलत दर्ज कराने के आरोप में शिक्षक बर्खास्त जांच समिति ने आरोपों को माना सिद्ध, प्रबंधन समिति ने सर्वसम्मति से लिया निर्णय

अनुशासनहीनता और छात्रा की जन्मतिथि गलत दर्ज कराने के आरोप में शिक्षक बर्खास्त
जांच समिति ने आरोपों को माना सिद्ध, प्रबंधन समिति ने सर्वसम्मति से लिया निर्णय

शाहपुर। अमर नायक स्वामी राहुल सिंह राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, शाहपुर में कार्यरत संस्कृत विषय के सहायक अध्यापक सत्यम उपाध्याय को गंभीर अनुशासनहीनता, पदीय कर्तव्यों में लापरवाही तथा छात्रा के शैक्षिक भविष्य को प्रभावित करने वाले कृत्य के आरोप में विद्यालय प्रबंधन समिति ने तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। कॉलेज प्रबंधक की ओर से 1 सितंबर 2026 को जारी आदेश में शिक्षक के विरुद्ध की गई कार्रवाई का उल्लेख किया गया है।

शिक्षक के विरुद्ध अनुशासनहीनता, पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही तथा विद्यालय की छवि को नुकसान पहुंचाने संबंधी गंभीर आरोपों की शिकायत के बाद गठित जांच समिति द्वारा विभागीय जांच कराई गई थी। जांच के दौरान शिक्षक को अपना पक्ष रखने तथा व्यक्तिगत सुनवाई का पर्याप्त अवसर दिए जाने की बात आदेश में कही गई है।
शिक्षक के विरुद्ध लगाए गए आरोपों में कक्षा 9-ए के क्लास टीचर रहते हुए एक छात्रा की जन्मतिथि से संबंधित रिकॉर्ड में गंभीर लापरवाही का मामला भी शामिल है। आदेश में आरोप लगाया गया है कि छात्रा की वास्तविक जन्मतिथि 01 जुलाई 2010 के स्थान पर 01 जुलाई 2007 यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर गलत तरीके से अंकित कराई गई। प्रबंधन ने इसे छात्रा के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए घोर लापरवाही की श्रेणी में माना है। जन्मतिथि में तीन वर्ष का अंतर होने के कारण छात्रा के शैक्षिक अभिलेखों और भविष्य पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।जांच समिति ने यह भी पाया कि शिक्षक सत्यम उपाधयाय कालेज से ड्यूटी टाइम पर प्रधानाचार्य की बिना अनुमति के कॉलेज छोड़कर चले जाते है जो उनकी हठ धर्मिता व शिक्षा कार्य मे लापरवाही को दर्शाता है ।निर्धारित तिथि पर शिक्षक को विद्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करना था, लेकिन उन्होंने जांच समिति के समक्ष जानबूझकर अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं किया। आरोपों के संबंध में कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण अथवा बचाव में साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जाने की बात भी आदेश में दर्ज है। प्रबंधन ने इसे जांच प्रक्रिया के प्रति असहयोग और घोर अनुशासनहीनता माना है।
जांच समिति की आख्या के अनुसार, प्रस्तुत प्रमाणित साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर शिक्षक के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को सिद्ध पाया गया। इसके बाद जांच समिति की अंतिम आख्या पर विचार के लिए मामला प्रबंधन समिति के समक्ष रखा गया।
आदेश के मुताबिक, 1 सितंबर 2026 को प्रबंधन समिति की बैठक अध्यक्ष सतेंद्र सिंह बालियान की अध्यक्षता में हुई, जिसमें प्रस्ताव संख्या-2 पर विचार किया गया। प्रबंधन समिति ने शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई को सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की।
प्रबंधक चमन सिंह द्वारा जारी आदेश में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम एवं नियमावली के सुसंगत प्रावधानों के तहत सत्यम उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त किए जाने की बात कही गई है।


जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles