फीस विवाद में छात्र उज्ज्वल राणा की मौत पर उबाल, बुढ़ाना में हजारों लोगों का प्रदर्शन – प्रशासन को सौंपा चार सूत्रीय मांग पत्र, टिकैत बोले “यह शिक्षा की क्रांति है

फीस विवाद में छात्र उज्ज्वल राणा की मौत पर उबाल, बुढ़ाना में हजारों लोगों का प्रदर्शन – प्रशासन को सौंपा चार सूत्रीय मांग पत्र, टिकैत बोले “यह शिक्षा की क्रांति है”

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बुढ़ाना। सोमवार को डीएवी डिग्री कॉलेज में फीस विवाद के चलते आत्मदाह करने वाले छात्र उज्ज्वल राणा की मौत के बाद कस्बे में जनाक्रोश चरम पर पहुंच गया। सुबह से ही कॉलेज के सामने हजारों की भीड़ एकत्र हो गई। छात्र-छात्राओं, किसानों और विभिन्न राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने “जस्टिस फॉर उज्ज्वल” के बैनर थामे नारेबाजी की। माहौल गमगीन होते हुए भी गुस्से से भरा था। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर रहा और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई।

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धरना-प्रदर्शन को कई प्रमुख नेताओं का समर्थन मिला। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत, पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद डॉ. संजीव बालियान, सपा विधायक पंकज मलिक, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक और भाजपा के पूर्व विधायक उमेश मलिक मौके पर पहुंचे। सभी नेताओं ने एक स्वर में छात्र उज्ज्वल राणा को न्याय दिलाने और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

पूर्व विधायक उमेश मलिक ने प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मौके पर मौजूद सीओ और एसडीएम से बातचीत करने से इनकार करते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी वरिष्ठ अधिकारियों का मौके पर न पहुंचना असंवेदनशीलता दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक जिलाधिकारी और एसएसपी खुद मौके पर नहीं आते और लिखित में ठोस आश्वासन नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल मुआवजे की मांग तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसे एक शैक्षणिक सुधार आंदोलन में बदलना होगा ताकि भविष्य में किसी और छात्र को इस तरह की पीड़ा न सहनी पड़े। उन्होंने कहा कि उज्ज्वल की मौत एक चेतावनी है कि शिक्षा संस्थानों में व्यवस्था सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने परिवार को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की और अन्य लोगों से भी मदद की अपील की।

भाकियू के प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक छात्र की मौत का विरोध नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की खामियों के खिलाफ “क्रांति” है। उन्होंने चार सूत्रीय मांग पत्र प्रशासन को सौंपा —

  1. मृतक छात्र के परिवार के एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी।
  2. परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
  3. कॉलेज का नाम बदलकर उज्ज्वल राणा के नाम पर रखा जाए।
  4. कॉलेज परिसर में उज्ज्वल राणा की प्रतिमा स्थापित की जाए।

उन्होंने कहा कि उज्ज्वल का नाम “शिक्षा के अधिकार” आंदोलन के साथ जोड़ा जाएगा और जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए एसपी देहात आदित्य बंसल मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच विशेष टीमें गठित की हैं, जिनमें सर्किल, एसओजी और सर्विलांस यूनिट शामिल हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 24 से 48 घंटे के भीतर सभी नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

एसपी बंसल ने बताया कि मुकदमे में सभी आवश्यक धाराएं और आरोपी शामिल कर संशोधित किया गया है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जिलाधिकारी कॉलेज प्रबंधन और उसकी वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए दो अलग-अलग उच्चस्तरीय समितियां गठित करेंगे, जिनमें छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों की मांग पर प्रशासन ने यह भी तय किया कि शाकुंभरी विश्वविद्यालय में एक दिन का शोक रखा जाएगा और डीएवी कॉलेज परिसर में उज्ज्वल राणा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

 

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देर शाम उज्ववल राणा के पार्थिव शरीर का बुढाना शमशान घाट पर दाहसंस्कार कर दिया गया।

 


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