EWS आरक्षण नियमों में संशोधन की मांग, पात्र युवाओं को मिलना चाहिए वास्तविक लाभ : अशोक बालियान

EWS आरक्षण नियमों में संशोधन की मांग, पात्र युवाओं को मिलना चाहिए वास्तविक लाभ : अशोक बालियान


मुज़फ्फरनगर, 26 मई। अशोक बालियान ने भारत सरकार से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) आरक्षण से जुड़े वर्तमान नियमों में संशोधन करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया 10 प्रतिशत EWS आरक्षण आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है, लेकिन वर्तमान में लागू आय एवं संपत्ति संबंधी मानकों के कारण अनेक वास्तविक पात्र युवा इसका लाभ लेने से वंचित रह जाते हैं।
पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने कहा कि जाट, राजपूत, ब्राह्मण सहित अन्य समुदायों के ऐसे हजारों परिवार हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है, लेकिन भूमि और संपत्ति की वर्तमान सीमा के कारण उनके बच्चे EWS प्रमाण पत्र नहीं बनवा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को शिक्षा और रोजगार में समान अवसर उपलब्ध कराना है, इसलिए नियमों में व्यावहारिक बदलाव समय की आवश्यकता बन चुके हैं।
अशोक बालियान ने केंद्र सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। उन्होंने मांग की कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय भूमि की सीमा वर्तमान 200 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 500 वर्ग मीटर की जाए, ताकि गांवों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिल सके। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में आवासीय भूमि की सीमा 100 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 200 वर्ग मीटर करने की भी मांग की गई।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में EWS प्रमाण पत्र की वैधता केवल एक वर्ष होने के कारण युवाओं को बार-बार आवेदन करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की परेशानी होती है। इसलिए इसकी वैधता अवधि बढ़ाकर कम से कम तीन वर्ष की जानी चाहिए। इससे विद्यार्थियों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी।
बालियान ने यह भी सुझाव दिया कि पूरे देश के लिए एक समान एकीकृत राष्ट्रीय पोर्टल विकसित किया जाए, जिससे EWS प्रमाण पत्र सभी राज्यों में मान्य हो सके और युवाओं को अलग-अलग राज्यों में आवेदन के दौरान कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने स्व-घोषणा (सेल्फ डिक्लेरेशन) आधारित प्रारंभिक आवेदन प्रणाली लागू करने की भी मांग की, ताकि जरूरतमंद युवाओं को समय पर लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन सुझावों पर सकारात्मक निर्णय लेती है तो समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लाखों युवाओं को शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। इससे वे मुख्यधारा से जुड़कर देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभा सकेंगे।
अंत में अशोक बालियान ने केंद्र सरकार से जनहित और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए EWS आरक्षण नियमों में शीघ्र आवश्यक संशोधन करने की अपील की।


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