
अमरनायक स्वामी राहुल सिंह राष्ट्रीय इण्टर कालेज शाहपुर के मैदान में आज से दो दिवसीय विशाल दंगल, देश-प्रदेश के नामी पहलवान दिखाएंगे दमखम
अमरनायक स्वामी राहुल सिंह राष्ट्रीय इण्टर कालेज शाहपुर के मैदान में आज से दो दिवसीय विशाल दंगल, देश-प्रदेश के नामी पहलवान दिखाएंगे दमखम


शाहपुर। अमरनायक स्वामी राहुल सिंह राष्ट्रीय इंटर कॉलेज के मैदान में आज से दो दिवसीय विशाल दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। अमरनायक स्वामी राहुल सिंह एवं गांव कुटबी के प्रधान स्वर्गीय जितेंद्र सिंह की स्मृति में आयोजित इस दंगल को लेकर क्षेत्र के खेल प्रेमियों, युवाओं और ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजकों द्वारा दंगल स्थल पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं तथा दूर-दराज से आने वाले पहलवानों और दर्शकों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
दंगल के आयोजक कॉलेज अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य सतेन्द्र बालियान ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिता में देश-प्रदेश के कई नामचीन पहलवान अपने दांव-पेंच और कुश्ती कला का प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि दंगल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना तथा युवाओं को कुश्ती के प्रति प्रेरित करना है।

उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में एशियाई मेडलिस्ट जोंटी पहलवान, कलवा गुर्जर, मोनू दहिया, एशियाई मेडलिस्ट उत्तम राणा, हरियाणा के लक्ष्य पहलवान तथा दीपेश चौधरी सहित अनेक प्रसिद्ध पहलवान भाग लेंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड से भी कई चर्चित पहलवान दंगल में पहुंच रहे हैं, जिससे प्रतियोगिता और अधिक रोमांचक होने की संभावना है।

दंगल में होने वाले मुकाबलों को देखने के लिए क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह बना हुआ है। ग्रामीण अंचल में कुश्ती की परंपरा को जीवित रखने वाले इस आयोजन को लेकर युवाओं में भी विशेष आकर्षण है। आयोजकों का कहना है कि दंगल के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय पारंपरिक खेल संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान सुरक्षा, पेयजल, बैठने तथा प्रकाश व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। दंगल में बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक सहयोग भी लिया जा रहा है। दो दिनों तक चलने वाले इस विशाल दंगल में रोमांचक मुकाबले खेल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहेंगे।











