विश्व रेड क्रॉस दिवस पर मानवता में एकता का संदेश, स्वयंसेवी महिलाओं को किया सम्मानित

विश्व रेड क्रॉस दिवस पर मानवता में एकता का संदेश, स्वयंसेवी महिलाओं को किया सम्मानित


मुज़फ्फरनगर। इण्डियन रेड क्रॉस सोसाइटी जनपद मुज़फ्फरनगर द्वारा शुक्रवार को “मानवता में एकता/मानवता को जीवित रखना” थीम के साथ विश्व रेड क्रॉस दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन जीबीवी नगर क्षेत्र में डॉ. राजीव कुमार के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस आंदोलन के संस्थापक सर जीन हेनरी ड्यूनेंट की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया गया।


कार्यक्रम इण्डियन रेड क्रॉस सोसाइटी जनपद मुज़फ्फरनगर के अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देशन में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मानवता और समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाली आठ स्वयंसेवी महिलाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में श्रीमती दीपाली कौशिक, श्रीमती विनोद चौहान, श्रीमती प्रेमबाला, श्रीमती रजनी तनेजा, श्रीमती सोनिया सिंह, श्रीमती रुचि शर्मा, श्रीमती शिल्पा एवं श्रीमती पूनम शामिल रहीं। सभी महिलाओं को समाज सेवा एवं मानवता के प्रति उनके योगदान के लिए प्रशस्ति देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत “मानवता में एकता” विषय पर जन जागरूकता कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी होतीलाल शर्मा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी कुसुम वर्मा उपस्थित रहीं।


कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. राजीव कुमार ने बालिकाओं एवं उपस्थित लोगों को विश्व रेड क्रॉस दिवस के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 8 मई को विश्व रेड क्रॉस एवं रेड क्रिसेंट दिवस मनाया जाता है, जो युद्ध, आपदा एवं संकट के समय निस्वार्थ सेवा करने वाले वालंटियर्स को समर्पित है।


उन्होंने बताया कि सर जीन हेनरी ड्यूनेंट का जन्म 8 मई 1828 को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में हुआ था। उन्होंने ‘सोल्फेरिनो की स्मृति’ पुस्तक के माध्यम से युद्ध में घायल लोगों की सहायता के लिए एक तटस्थ राहत संगठन की आवश्यकता को दुनिया के सामने रखा, जिसके परिणामस्वरूप रेड क्रॉस आंदोलन की स्थापना हुई। मानवता की सेवा के लिए उन्हें वर्ष 1901 में पहला नोबेल शांति पुरस्कार भी प्रदान किया गया था।


कार्यक्रम में रेड क्रॉस के सात मूलभूत सिद्धांतों—मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता और सार्वभौमिकता—पर भी प्रकाश डाला गया तथा मानवता की रक्षा और पीड़ितों की सेवा का संदेश दिया गया।


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