
व्हाट्सऐप ओटीपी विदेश भेजकर साइबर ठगी कराने वाले दो गिरफ्तार थाईलैंड में बैठे साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे भारतीय सिम के ओटीपी, 70 सिम सक्रिय होने की जानकारी; दो राज्यों में 53.83 लाख रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा
व्हाट्सऐप ओटीपी विदेश भेजकर साइबर ठगी कराने वाले दो गिरफ्तार
थाईलैंड में बैठे साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे भारतीय सिम के ओटीपी, 70 सिम सक्रिय होने की जानकारी; दो राज्यों में 53.83 लाख रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा
शाहपुर/मुजफ्फरनगर। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने लोगों को झांसा देकर उनके नाम पर सिम कार्ड जारी कराने और उन सिमों पर प्राप्त व्हाट्सऐप ओटीपी विदेश में बैठे साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव हरसौली निवासी मोनू पुत्र मेहर इलाही और कबीर पुत्र मुकीम के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। खास बात यह है कि साइबर क्राइम थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह पूर्व में शाहपुर थाने के प्रभारी भी रह चुके हैं।

पुलिस के अनुसार, गृह मंत्रालय भारत सरकार के प्रतिबिंब पोर्टल पर मुजफ्फरनगर से फर्जी व्हाट्सऐप कॉल और संदेश भेजकर साइबर धोखाधड़ी किए जाने की शिकायतें मिली थीं। जांच में सामने आया कि शाहपुर क्षेत्र में सक्रिय किए गए भारतीय मोबाइल नंबरों के व्हाट्सऐप ओटीपी थाईलैंड सहित अन्य देशों में बैठे साइबर अपराधियों को भेजे जाते थे। इसके बाद विदेशी साथी इन भारतीय नंबरों पर व्हाट्सऐप लॉगिन कर भारत में लोगों के साथ साइबर ठगी करते थे।
निजी जरूरत बताकर निकलवाते थे सिम
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे अपने परिचितों को निजी जरूरत बताकर उनके नाम पर सिम कार्ड निकलवाते थे। इसके बाद शाहपुर क्षेत्र में सिम सक्रिय कराकर उन पर प्राप्त ओटीपी विदेश में बैठे अपने साथियों को उपलब्ध करा देते थे। इन नंबरों के व्हाट्सऐप खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए किया जाता था।
53 लाख रुपये से अधिक की ठगी
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल फोन में करीब 70 सिम सक्रिय होने की जानकारी मिली है। जांच में झारखंड और पश्चिम बंगाल से संबंधित साइबर धोखाधड़ी की दो घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कुल 53 लाख 83 हजार 822 रुपये की ठगी की जानकारी मिली है। पुलिस अन्य सिम कार्डों और उनसे जुड़े साइबर अपराधों की भी जांच कर रही है।
इस मामले में थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर पर मुकदमा संख्या 39/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 3(5) और 111 में अभियोग दर्ज है।
कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण तथा पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ और क्षेत्राधिकारी अपराध सुभाषचंद के निर्देशन में साइबर थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह के नेतृत्व में की गई। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।











