
कक्षा-7 की ‘भारत की महान विभूतियाँ’ पुस्तक को लेकर शिकायत पर शासन ने लिया संज्ञान पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमेन अशोक बालियान के पत्र पर सज्ञान लेकर सरकार ने जारी किए आदेश मुजफ्फरनगर। कक्षा-7 की पुस्तक ‘भारत की महान
कक्षा-7 की ‘भारत की महान विभूतियाँ’ पुस्तक को लेकर शिकायत पर शासन ने लिया संज्ञान
पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमेन अशोक बालियान के पत्र पर सज्ञान लेकर सरकार ने जारी किए जांच के आदेश


मुजफ्फरनगर। कक्षा-7 की पुस्तक ‘भारत की महान विभूतियाँ’ के कुछ अध्यायों में ऐतिहासिक तथ्यों को लेकर उठाई गई आपत्तियों पर उत्तर प्रदेश शासन ने संज्ञान लिया है। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान के अनुसार, उनके द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए पत्र के बाद संबंधित विभाग को मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अशोक बालियान ने बताया कि उन्होंने कक्षा-7 की उक्त पुस्तक के पाठ 12 ‘अकबर’ और पाठ 17 ‘हैदर अली’ की विषयवस्तु को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। पत्र में उन्होंने दावा किया कि इन अध्यायों में संबंधित शासकों के शासनकाल से जुड़े विवादित एवं महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संदर्भों का समुचित उल्लेख नहीं किया गया है। उनका कहना है कि विद्यार्थियों को इतिहास पढ़ाते समय विभिन्न ऐतिहासिक स्रोतों और घटनाओं का समग्र एवं तथ्यपरक प्रस्तुतीकरण किया जाना चाहिए।
बालियान के मुताबिक, शिकायत का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) के निदेशक ने राज्य शिक्षा संस्थान, प्रयागराज को पत्र जारी किया है। इसमें संबंधित अध्यायों की गहन समीक्षा करने तथा ऐतिहासिक तथ्यों के अनुरूप आवश्यक संशोधन पर विचार करने के निर्देश दिए गए हैं।
पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने कहा कि विद्यार्थियों को इतिहास की जानकारी उपलब्ध कराते समय विषय को किसी एक दृष्टिकोण तक सीमित रखने के बजाय प्रमाणित ऐतिहासिक स्रोतों के आधार पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने शासन द्वारा शिकायत का संज्ञान लिए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि विशेषज्ञ इतिहासकारों एवं विषय विशेषज्ञों के माध्यम से पुस्तक की सामग्री की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को तथ्यपरक और समग्र ऐतिहासिक दृष्टिकोण मिल सके।











