हवन-पूजन के साथ हुआ साँझक मंदिर के ऐतिहासिक कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ, 11 अगस्त तक हजारों शिवभक्तों की होगी सेवा मुख्य अतिथि ओम दत्त आर्य ने भक्ति, संस्कार और धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन का दिया संदेश।
हवन-पूजन के साथ हुआ साँझक मंदिर के ऐतिहासिक कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ, 11 अगस्त तक हजारों शिवभक्तों की होगी सेवा
मुख्य अतिथि ओम दत्त आर्य ने भक्ति, संस्कार और धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन का दिया संदेश।
शाहपुर। प्राचीन शिव-पार्वती धाम साँझक मंदिर की धर्मशाला में गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान से हवन-पूजन के साथ किया गया। शिविर का उद्घाटन सुखतीर्थ आश्रम के स्वामी ओम आनंद महाराज के प्रतिनिधि एवं सुखतीर्थ ट्रस्ट के संचालक ओम दत्त आर्य ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के अवसर पर क्षेत्रभर से आए श्रद्धालुओं, मंदिर समिति के पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।

मुख्य अतिथि ओम दत्त आर्य ने अपने संबोधन में कहा कि साँझक मंदिर की पौराणिक महिमा बचपन से सुनते आ रहे हैं। यहां स्वयं प्रकट भगवान शिव-पार्वती की प्रतिमा विराजमान है, जिसके दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं के मन में भक्ति और आस्था का संचार होता है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव समस्त जगत के कल्याणकारी देव हैं तथा धर्म का वास्तविक मार्ग सत्संग, सेवा और सदाचार से प्रशस्त होता है।

उन्होंने कहा कि माता-पिता ही बालक के प्रथम गुरु होते हैं और मनुष्य की वाणी एवं व्यवहार उसके संस्कारों का परिचय देते हैं। प्रत्येक परिवार को अपने घर में रामायण, श्रीमद्भगवद्गीता, वेद एवं पुराण जैसे धार्मिक ग्रंथ अवश्य रखने चाहिए तथा स्वयं अध्ययन करने के साथ नई पीढ़ी को भी इनका ज्ञान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ संस्कारों से ही समाज और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य निर्मित होता है।

ओम दत्त आर्य ने मंदिर समिति से आग्रह किया कि कांवड़ सेवा शिविर में अशोभनीय एवं फूहड़ गीतों के स्थान पर केवल भक्ति, श्रद्धा और सनातन संस्कृति की मर्यादा को प्रदर्शित करने वाले भजनों का ही प्रसारण किया जाए, ताकि कांवड़ यात्रा की पवित्रता और धार्मिक वातावरण बना रहे।

जिला पंचायत सदस्य सत्येंद्र बालियान ने कहा कि साँझक धर्मशाला में लगने वाला कांवड़ सेवा शिविर क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं गौरवशाली परंपरा है। उन्होंने समिति द्वारा कांवड़ियों के लिए भोजन, विश्राम एवं अन्य सुविधाओं की सराहना करते हुए क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक सहयोग करने का आह्वान किया। वहीं पूर्व जिला पंचायत सदस्य धीरेंद्र बालियान ने कहा कि धर्मशाला समिति द्वारा आयोजित भव्य कार्यक्रम लोगों में सनातन संस्कृति के प्रति आस्था को और अधिक मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि संतों की शरण में रहने से व्यक्ति संस्कारवान बनता है तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन आता है। भाजपा पिन्ना मंडल अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने भी शिविर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसे सेवा और धर्म का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
मंदिर एवं धर्मशाला समिति के अध्यक्ष जवाहर सिंह ने बताया कि क्षेत्र के किनोनी, बरवाला, नरोत्तमपुर माजरा, पिन्ना, मीरापुर तथा साँझक सहित आसपास के गांवों के लोगों के सहयोग से इस वर्ष धर्मशाला में लगभग 3000 लेटर डालकर प्रथम मंजिल पर बरामदे का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों के सहयोग से भविष्य में धर्मशाला एवं मंदिर परिसर में आवश्यकता के अनुसार अन्य विकास कार्य भी कराए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि धर्मशाला में संचालित कांवड़ सेवा एवं भंडारा 30 जुलाई से 11 अगस्त तक निरंतर चलेगा, जिसमें प्रतिदिन हजारों की संख्या में शिवभक्त कांवड़िए प्रसाद ग्रहण करने के साथ विश्राम भी करेंगे। उन्होंने स्वामी ओम आनंद महाराज द्वारा शिविर संचालन हेतु भेजे गए आर्थिक सहयोग एवं धार्मिक पुस्तकों के लिए उनका आभार व्यक्त किया तथा क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों का भी सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।


कार्यक्रम का सफल संचालन मोहन सिंह ने करते हुए मंदिर से जुड़ी अनेक बातों को उपस्थित लोगो से साझा किया।

कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र सिंह, कॉलोनी अमरपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, संजय सिंह, राजवीर सिंह, सुरेश, सुखवीर, लोकेंद्र, शीशपाल, अवधेश सहित सैकड़ों श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम में भक्ति, सेवा और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश प्रमुख रूप से दिखाई दिया।











