
सोरम के किसानों की चेतावनी सही साबित, पुल निर्माण कंपनी की लापरवाही से शाहपुर में जलभराव; अब किसानों का रास्ता भी बंद।
सोरम के किसानों की चेतावनी सही साबित, पुल निर्माण कंपनी की लापरवाही से शाहपुर में जलभराव; अब किसानों का रास्ता भी बंद।

शाहपुर। क्षेत्र के ऐतिहासिक गांव सोरम से चांदपुर जाने वाले मार्ग पर गंदे नाले पर बन रहे नए पुल का निर्माण अब किसानों और आम नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। किसानों का कहना है कि पुल निर्माण कंपनी की लापरवाही के कारण पहले शाहपुर कस्बे में भारी जलभराव हुआ, जिससे व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा और अब मिट्टी हटाए जाने के बाद किसानों का वैकल्पिक मार्ग भी पूरी तरह बंद हो गया है।
जिला कबड्डी ओलंपिक संघ के सह सचिव मास्टर रामपाल सिंह ने बताया कि जब पिछले महीने पुराने पुल को हटाकर नए पुल का निर्माण शुरू किया गया था, तभी उन्होंने और क्षेत्र के किसानों ने निर्माण कंपनी से मांग की थी कि वैकल्पिक मार्ग बनाते समय मिट्टी के नीचे बड़े पाइप (बम्ब्बे) डाले जाएं, ताकि गंदे नाले का पानी लगातार बहता रहे और आवागमन भी बाधित न हो। उन्होंने कहा कि यदि उस समय यह मांग मान ली जाती तो नाले का पानी नहीं रुकता और शाहपुर कस्बे में जलभराव की नौबत नहीं आती।
मास्टर रामपाल सिंह ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने क्षेत्रीय विधायक राजपाल बालियान के समक्ष भी किसानों की समस्या रखी थी, लेकिन निर्माण एजेंसी ने किसानों की सलाह को गंभीरता से नहीं लिया और नाले का बहाव पूरी तरह मिट्टी डालकर रोक दिया। पिछले तीन दिनों की मूसलाधार बारिश के दौरान नाले का पानी आगे नहीं निकल सका, जिसके कारण शाहपुर कस्बे में पानी भर गया और दुकानों में जलभराव होने से व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

उन्होंने कहा कि शाहपुर के तालाबों का अतिरिक्त पानी भी इसी बड़े नाले से होकर आगे निकलता है। नाले का रास्ता बंद होने से पूरा पानी कस्बे में फैल गया। शुक्रवार को जनप्रतिनिधियों ने शाहपुर का दौरा कर जलभराव का जायजा लिया और अधिशासी अधिकारी को तत्काल जल निकासी के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से पुल निर्माण स्थल पर डाली गई मिट्टी हटाकर नाले का बहाव शुरू कराया गया।
हालांकि, मिट्टी हटने के बाद अब सोरम से चांदपुर की ओर जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। इससे किसानों के सामने अपने खेतों तक पहुंचने का संकट खड़ा हो गया है। किसानों का कहना है कि पहले जहां खेतों तक पहुंचने के लिए मात्र दो किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब उन्हें शाहपुर होकर करीब आठ किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे पशुओं के लिए चारा लाने और खेती के दैनिक कार्यों में भारी दिक्कतें आ रही हैं।

शनिवार को मास्टर रामपाल सिंह के नेतृत्व में किसानों ने क्षेत्रीय विधायक राजपाल बालियान से मुलाकात कर पुल निर्माण स्थल पर बम्ब्बे डालकर तत्काल वैकल्पिक मार्ग तैयार कराने की मांग उठाई। किसानों का कहना है कि जब तक स्थायी पुल तैयार नहीं हो जाता, तब तक सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कराई जाए। विधायक ने किसानों को आश्वासन दिया कि अधिकारियों से वार्ता कर शीघ्र ही वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था कराई जाएगी, ताकि किसानों और ग्रामीणों को राहत मिल सके।











