अपराधियों के दमन से ही समाज में सुरक्षा का वातावरण बनता है : अशोक बालियान

अपराधियों के दमन से ही समाज में सुरक्षा का वातावरण बनता है : अशोक बालियान


नई दिल्ली, 08 जून 2026। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश पुलिस समाज की सुरक्षा के लिए अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत अपराध और अपराधियों पर कड़ा प्रहार किया गया है, जिससे प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है।
अशोक बालियान ने कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस ने 17 हजार से अधिक मुठभेड़ों के दौरान 289 अपराधियों को मार गिराया है, जबकि 11 हजार से अधिक अपराधी घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन कार्रवाइयों के दौरान पुलिस के कई जवानों ने भी अपनी जान की बाजी लगाई है। इस अवधि में 18 पुलिसकर्मी शहीद हुए तथा 1,852 से अधिक जवान घायल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि कानून पुलिस को आत्मरक्षा का अधिकार देता है। यदि किसी अपराधी द्वारा पुलिस या आम नागरिकों के जीवन पर तत्काल खतरा उत्पन्न किया जाता है, तो पुलिस आवश्यक बल प्रयोग कर सकती है। गंभीर अपराधों जैसे हत्या, डकैती, लूट, बलात्कार और आतंकवाद के मामलों में गिरफ्तारी से बचने का प्रयास करने वाले अपराधियों के विरुद्ध भी पुलिस को कानूनी अधिकार प्राप्त हैं।
बालियान ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने के आरोप लगते रहे हैं, जबकि वर्तमान सरकार अपराध के प्रति कठोर रुख अपनाकर अपराधियों में भय का वातावरण बनाने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल और नेता पुलिस कार्रवाई पर लगातार सवाल उठाते हैं तथा हर मुठभेड़ को फर्जी बताने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने अपराध विज्ञान के विशेषज्ञ रिचर्ड क्विनी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभ्य समाज के लिए अपराध नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है। समाज को अपराधमुक्त वातावरण चाहिए और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई से ही आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है।
अशोक बालियान ने मीडिया की भूमिका पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी कुख्यात अपराधी के मारे जाने के बाद उसके परिवार के दुख को प्रमुखता देने के बजाय अपराध के पीड़ितों और उनके परिवारों की पीड़ा को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि अपराधियों के प्रति अत्यधिक सहानुभूति दिखाने से समाज में गलत संदेश जाता है और न्याय व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया के कुछ मंच पुलिस कार्रवाई को बिना तथ्यों के फर्जी साबित करने का प्रयास करते हैं, जिससे पुलिस बल का मनोबल प्रभावित होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि कई बार अपराधी जातीय आधार पर समर्थन जुटाने का प्रयास करते हैं, जबकि समाज को ऐसे लोगों को आदर्श मानना चाहिए जो शिक्षा, सेना, खेल, विज्ञान और प्रशासनिक सेवाओं में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
अंत में अशोक बालियान ने कहा कि जब प्रशासन बड़े अपराधियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई करता है तो आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ता है। उन्होंने कहा कि अपराध मुक्त समाज के निर्माण के लिए कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना समय की आवश्यकता है।


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