
झूठी लूट की सूचना देकर विरोधियों को फंसाने की साजिश नाकाम, युवक का शांति भंग में चालान
झूठी लूट की सूचना देकर विरोधियों को फंसाने की साजिश नाकाम, युवक का शांति भंग में चालान
शाहपुर। थाना क्षेत्र के गांव आदमपुर निवासी एक युवक द्वारा पुलिस को लूट की झूठी सूचना देकर गांव के ही दूसरे पक्ष को फंसाने की साजिश का मामला सामने आया है। पुलिस की सतर्कता और गहन पूछताछ के बाद पूरे प्रकरण का खुलासा हो गया। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ शांति भंग की आशंका में कार्रवाई करते हुए उसका चालान कर दिया।
जानकारी के अनुसार गांव आदमपुर निवासी गोविंद पुत्र बलजोर ने शनिवार देर रात पुलिस को सूचना दी कि वह अपने परिवार की एक महिला के साथ बाइक से गांव लौट रहा था। उसका आरोप था कि गांव ढिंढावली के निकट कुछ अज्ञात बदमाशों ने उसकी बाइक रुकवा ली और उससे नकदी तथा महिला के गहने लूट लिए। युवक ने यह भी बताया कि विरोध करने पर बदमाशों ने उस पर चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया।
लूट की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को युवक के शरीर पर लगी चोटों और उसके बयान में कई विरोधाभास दिखाई दिए। इससे पुलिस को घटना संदिग्ध लगी। पुलिस ने युवक से अलग-अलग स्तर पर पूछताछ की। शुरुआत में वह अपने साथ लूट की घटना होने की बात दोहराता रहा, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने पूरी सच्चाई उगल दी।
पूछताछ में युवक ने स्वीकार किया कि उसके परिवार की गांव के ही दूसरे पक्ष के लोगों से पुरानी रंजिश चल रही है। इसी रंजिश के चलते उसने झूठी लूट की कहानी गढ़ी थी, ताकि विरोधी पक्ष को गंभीर आपराधिक मामले में फंसाया जा सके। युवक ने यह भी स्वीकार किया कि उसके साथ कोई लूट की घटना नहीं हुई थी और उसने पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से झूठी सूचना दी थी।
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए शांति भंग की आशंका में उसका चालान कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करना दंडनीय अपराध है। ऐसी घटनाओं से पुलिस का समय और संसाधन अनावश्यक रूप से व्यर्थ होते हैं, जिससे वास्तविक आपात स्थितियों में पुलिस की कार्यवाही प्रभावित हो सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी घटना की सूचना केवल सत्य तथ्यों के आधार पर ही दें, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मिल सके।











