
बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए घरों में पशु वध पर प्रतिबंध लगे : अशोक बालियान
बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए घरों में पशु वध पर प्रतिबंध लगे : अशोक बालियान

मुज़फ्फरनगर। बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, संवेदनशीलता और सुरक्षित सामाजिक वातावरण को लेकर पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने उत्तर प्रदेश सरकार से निजी घरों में होने वाले पशु वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है। संस्था के चेयरमैन अशोक बालियान ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध रोकने के साथ-साथ निजी परिसरों में होने वाले व्यक्तिगत पशु वध को भी नियंत्रित किया जाना चाहिए।
अशोक बालियान ने कहा कि वर्तमान में कई स्थानों पर घरों, बंद अहातों, आंगनों और छतों पर व्यक्तिगत उपयोग या धार्मिक अवसरों पर पशु वध किया जाता है, जिसका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभाव परिवार के बच्चों पर पड़ता है। उनका कहना है कि बच्चों का मानसिक विकास ऐसे वातावरण से प्रभावित हो सकता है और उनके भीतर संवेदनशीलता तथा करुणा जैसी भावनाओं पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया कि बचपन में हिंसा, खून-खराबा और जीवों की हत्या जैसे दृश्य देखने से बच्चों के मनोवैज्ञानिक विकास पर असर पड़ सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पशु वध के दौरान निकलने वाला जैविक कचरा और रक्त घरेलू नालियों में जाने से स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं।
अशोक Balayan ने यह भी कहा कि पशु वध में इस्तेमाल होने वाले बड़े चाकू, छुरी और अन्य धारदार हथियार बच्चों के सामने प्रयोग होने से उनके व्यवहार पर गलत प्रभाव डाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब बच्चे ऐसे औजारों का उपयोग जीवन समाप्त करने के लिए होते देखते हैं तो इससे हिंसक प्रवृत्तियों के विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है।
पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि किसी भी प्रकार का पशु वध केवल अधिकृत और आधुनिक कसाईखानों में ही किया जाए, जो आवासीय क्षेत्रों से दूर स्थित हों। साथ ही घरेलू उपयोग में आने वाले चाकू-छुरियों की लंबाई और आकार को लेकर भी नियम बनाए जाने की मांग की गई है।
पत्र के अंत में अशोक बालियान ने कहा कि बच्चों को भयमुक्त, सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण देना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कदम उठाएगी।











