
भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर किसानों की आवाज बने अशोक बालियान, वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के समक्ष मजबूती से रखा पक्ष
भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर किसानों की आवाज बने अशोक बालियान, वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के समक्ष मजबूती से रखा पक्ष

शाहपुर/नई दिल्ली। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन एवं भारतीय किसान महासंघ (CIFA) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक बालियान ने नई दिल्ली में भारत–अमेरिका व्यापार समझौते (India–US Trade Deal) को लेकर आयोजित महत्वपूर्ण बैठकों में किसानों के हितों का पक्ष मजबूती से रखा। गत दिवस को वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उन्होंने संभावित व्यापार समझौते का भारतीय किसानों पर पड़ने वाले प्रभाव का मुद्दा उठाते हुए सरकार से किसान हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
इससे पूर्व नई दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में देश के विभिन्न किसान संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में भारतीय किसान महासंघ (CIFA) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विपिन चन्द्र पटेल (गुजरात), सेंबगम राजा, पी. टी. जोन (केरल), कोटि रेड्डी तथा राजेंद्रन सहित अनेक किसान नेताओं ने कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में कृषि व्यापार, निर्यात, कृषि सुधार तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों के किसानों पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तार से चर्चा हुई।
अशोक बालियान ने इसके बाद पंजाब भवन, नई दिल्ली में भारतीय किसान यूनियन (मान गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह मान, हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. गुनी प्रकाश तथा अन्य किसान नेताओं से भी मुलाकात कर विभिन्न कृषि एवं किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में किसान संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और साझा रणनीति के साथ सरकार के समक्ष किसानों की मांगों को रखने पर सहमति व्यक्त की गई।
इसके उपरांत अशोक बालियान, भारतीय किसान महासंघ (CIFA) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विपिन चन्द्र पटेल तथा केरल के किसान नेता पी. टी. जोन ने वाणिज्य मंत्रालय में निदेशक मोनिका गौर तथा विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के अतिरिक्त महानिदेशक अभिनव गुप्ता सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तृत वार्ता की। प्रतिनिधिमंडल ने भारत–अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर किसानों की चिंताओं को विस्तार से रखते हुए कृषि उत्पादों के आयात-निर्यात, न्यूनतम समर्थन मूल्य, घरेलू कृषि बाजार और किसानों की आय पर संभावित प्रभावों को गंभीरता से उठाया।

बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से आग्रह किया कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने से पहले किसान संगठनों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाए तथा ऐसे सभी प्रावधान सुनिश्चित किए जाएं, जिनसे भारतीय किसानों के आर्थिक हित सुरक्षित रह सकें। प्रतिनिधियों ने कृषि निर्यात को बढ़ावा देने, किसानों को नए बाजार उपलब्ध कराने और कृषि क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप सशक्त बनाने पर भी सुझाव दिए।
बैठक के बाद अशोक बालियान ने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और किसी भी व्यापार समझौते में उनके अधिकारों व आजीविका की रक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार किसान संगठनों के सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी और कृषि क्षेत्र के हितों को प्राथमिकता देगी।











