एक माह से जलभराव की मार झेल रहा सोरम मार्ग, किसानों की फसलें भी हुईं प्रभावित

एक माह से जलभराव की मार झेल रहा सोरम मार्ग, किसानों की फसलें भी हुईं प्रभावित


शाहपुर। क्षेत्र के ऐतिहासिक गांव सोरम से होकर गुजरने वाला मुख्य मार्ग पिछले लगभग एक माह से जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। शाहपुर से चलकर खतौली मार्ग के गांव मंढवाली तक पहुंचने वाला यह महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों को आपस में जोड़ता है। गांव शाहजुड़ी, गोयला, कितास, डबल सहित कई गांवों के ग्रामीण इसी मार्ग के माध्यम से अपने दैनिक कार्यों, शिक्षा, व्यापार और कृषि संबंधी गतिविधियों के लिए आवागमन करते हैं, लेकिन लंबे समय से सड़क पर भरे पानी के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।­


ग्रामीणों का कहना है कि गांव सोरम स्थित मुख्य मार्ग पर पिछले एक माह से लगातार जलभराव बना हुआ है, जिससे सड़क पर आवागमन लगभग बाधित हो गया है। सड़क पर अत्यधिक पानी जमा होने के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर लंबे वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त हानि उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों के अनुसार समस्या के समाधान के लिए कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अब तक जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। सोरम के ग्रामीणों के साथ-साथ गोयला और शाहजुड़ी गांव के लोगों ने भी कई बार विकासखंड कार्यालय तथा तहसील स्तर के अधिकारियों से मुलाकात कर सड़क से पानी निकासी की मांग उठाई, लेकिन उनकी शिकायतों पर अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।


हाल ही में मानसून की पहली बारिश ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया। बारिश के बाद सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई और सड़क पर भरा पानी ओवरफ्लो होकर आसपास के खेतों में पहुंच गया। इसका सबसे अधिक नुकसान किसान अनुज पुत्र धर्मपाल को उठाना पड़ा, जिनके खेत में खड़ी लाखों रुपये मूल्य की गन्ने की फसल प्रभावित हो गई है।
किसान अनुज ने बताया कि सड़क पर जमा पानी कई दिनों तक लगातार उनके खेत में प्रवेश करता रहा, जिसके कारण गन्ने की फसल में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। अत्यधिक पानी के कारण फसल में विभिन्न प्रकार के रोग लगने शुरू हो गए हैं और अब गन्ने की फसल सूखने तथा नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि यदि समय रहते जल निकासी की उचित व्यवस्था कर दी जाती तो उनकी फसल को इतना नुकसान नहीं उठाना पड़ता।


किसान अनुज पुत्र धर्मपाल ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी खराब हुई फसल का उचित मुआवजा दिया जाए तथा सड़क पर जमा पानी की निकासी के लिए तत्काल प्रभाव से ठोस और स्थायी समाधान किया जाए। वहीं क्षेत्र के ग्रामीणों ने भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी की व्यवस्था होने से न केवल किसानों की फसलें सुरक्षित रहेंगी बल्कि आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोगों का आवागमन भी सुगम हो सकेगा।


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