विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल हुए दुल्हेरा के लाल प्रो. उपेन्द्र कुमार, क्षेत्र में खुशी की लहर

विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल हुए दुल्हेरा के लाल प्रो. उपेन्द्र कुमार, क्षेत्र में खुशी की लहर


शाहपुर। क्षेत्र के गांव दुल्हेरा के निवासी एवं महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली के कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय के अधिष्ठाता (डीन) तथा पादप विज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो. उपेन्द्र कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर जनपद मुजफ्फरनगर और अपने पैतृक गांव का नाम गौरवान्वित किया है। प्रतिष्ठित SciRank Global Registry 2025 द्वारा उन्हें विश्व के शीर्ष 5 प्रतिशत वैज्ञानिकों (World’s Top 5% Scientists) में स्थान दिया गया है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है तथा उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं।
SciRank Global Registry द्वारा जारी प्रमाणपत्र के अनुसार यह सम्मान वैज्ञानिक शोध पत्रों, शोध कार्यों के प्रभाव, उद्धरणों (Citations), अनुसंधान गुणवत्ता तथा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बिब्लियोमेट्रिक मानकों के गहन मूल्यांकन के आधार पर प्रदान किया गया है। प्रो. उपेन्द्र कुमार के वैज्ञानिक योगदान को वैश्विक स्तर पर स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए जाने के बाद उन्हें वर्ष 2025 की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक रैंकिंग में शामिल किया गया है।
प्रो. उपेन्द्र कुमार एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता हरबीर सिंह चौधरी चरण सिंह इंटर कॉलेज, गोयला के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं, जिन्होंने अपने लंबे शिक्षकीय जीवन में हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े प्रो. उपेन्द्र कुमार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद कठिन परिश्रम, लगन और प्रतिभा के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित की है।
उनकी धर्मपत्नी डॉ. प्रियंका भी शिक्षा जगत की एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् हैं और वर्तमान में डी.एन. कॉलेज, मेरठ में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। इस प्रकार पूरा परिवार शिक्षा, अनुसंधान और अकादमिक उत्कृष्टता की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहा है।
प्रो. उपेन्द्र कुमार गेहूं सुधार, जैव-संवर्धन (बायोफोर्टिफिकेशन), पोषण सुरक्षा, आनुवंशिकी तथा कृषि जैव-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक हैं। उनके अनेक शोध पत्र विश्व की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। कृषि उत्पादन बढ़ाने, पौष्टिक अनाज विकसित करने तथा खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने के क्षेत्र में उनके शोध कार्यों को विशेष महत्व दिया जाता है। उनके अनुसंधान का लाभ किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और समाज के व्यापक वर्ग को मिल रहा है।
इस उपलब्धि पर महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति, शिक्षकगण, शोधार्थियों एवं कर्मचारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। विश्वविद्यालय परिवार ने इसे संस्थान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और विशेष रूप से मुजफ्फरनगर जनपद के लिए गौरव का विषय बताया है।
उधर उनके पैतृक गांव दुल्हेरा में भी हर्ष का वातावरण है। उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। कस्बा शाहपुर स्थित कल्पना चावला इंटर कॉलेज के प्रबंधक एवं समाजवादी शिक्षक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र पाल ने भी प्रो. उपेन्द्र कुमार को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। वहीं उनके भाई पुष्पेंद्र कुमार, जो स्वयं भी शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, परिवार की इस उपलब्धि पर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
प्रो. उपेन्द्र कुमार ने इस सम्मान का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों, सहकर्मियों, शोधार्थियों तथा परिवार के सहयोग को देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उन्हें समाज और राष्ट्रहित में वैज्ञानिक अनुसंधान को और अधिक गति देने तथा कृषि एवं खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रेरित करेगी।


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