सोरम में जलभराव से ठप हुआ आवागमन, ग्रामीणों ने खंड विकास कार्यालय पहुंचकर की जल निकासी की मांग
सोरम में जलभराव से ठप हुआ आवागमन, ग्रामीणों ने खंड विकास कार्यालय पहुंचकर की जल निकासी की मांग


शाहपुर। शाहपुर से मंडावली जाने वाले मुख्य मार्ग पर गांव सोरम के निकट पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से जलभराव होने के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर कई फीट पानी भरा होने से आवागमन लगभग पूरी तरह बाधित हो गया है। समस्या के समाधान की मांग को लेकर शुक्रवार को गोयला निवासी समाजसेवियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शाहपुर खंड विकास कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपा और शीघ्र जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि शाहपुर-मंडावली मार्ग क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। इस सड़क का निर्माण एवं चौड़ीकरण हाल ही में क्षेत्रीय विधायक राजपाल बालियान की निधि से करोड़ों रुपये की लागत से कराया गया था, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलने की उम्मीद थी। किंतु गांव सोरम के निकट जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर भारी मात्रा में पानी भर गया है और मार्ग बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है।
जलभराव के कारण सोरम, शाहजुड़ी, गोयला, डबल, कितास, मंडावली सहित आसपास के कई गांवों का संपर्क कस्बा शाहपुर से प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों को बाजार, सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त हानि हो रही है। किसानों और विद्यार्थियों को भी इस समस्या के चलते विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
शुक्रवार को वरिष्ठ समाजसेवी चौधरी राज सिंह आर्य के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल खंड विकास कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में गोयला निवासी अनिल चौधरी, कपिल चौधरी, राममेहर सिंह एवं सतेंद्र फौजी सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे। उन्होंने अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि मार्ग पर भरे पानी के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है तथा किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने मांग की कि तत्काल प्रभाव से जल निकासी की व्यवस्था कर सड़क को यातायात के लिए सुचारु रूप से चालू कराया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र के ग्रामीणों को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। वहीं ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही आवश्यक कार्रवाई करेगा, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके और आवागमन पुनः सामान्य हो सके।











