कलक्ट्रेट परिसर में फायर मॉक ड्रिल का आयोजन, रेस्क्यू ऑपरेशन व आग से बचाव के दिए गए प्रशिक्षण

कलक्ट्रेट परिसर में फायर मॉक ड्रिल का आयोजन, रेस्क्यू ऑपरेशन व आग से बचाव के दिए गए प्रशिक्षण


मुज़फ्फरनगर, 11 जून 2026।
जिला प्रशासन के निर्देशन में गुरुवार को स्थानीय कलक्ट्रेट परिसर में नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के तत्वावधान में फायर मॉक ड्रिल, रेस्क्यू ऑपरेशन तथा आग से बचाव संबंधी प्रशिक्षण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आग एवं अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में जन-धन की हानि को न्यूनतम करना तथा अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक और प्रशिक्षित करना था।
कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के कुशल निर्देशन में किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान आग लगने की काल्पनिक घटना का सजीव प्रदर्शन कर विभिन्न विभागों की आपदा से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया गया। इस दौरान राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन करते हुए संबंधित टीमों ने बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में किस प्रकार समन्वित प्रयासों से लोगों की जान बचाई जा सकती है।
कार्यक्रम में उपस्थित अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अनिरुद्ध प्रताप सिंह तथा सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर ने कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य और संयम बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि समय रहते सही निर्णय लेने और निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन करने से बड़े हादसों को टाला जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से आपदा प्रबंधन संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान भी किया।
मॉक ड्रिल का सबसे आकर्षक और महत्वपूर्ण हिस्सा इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की छत पर फंसे दो लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रदर्शन रहा। काल्पनिक आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और विशेष सीढ़ी की सहायता से दोनों व्यक्तियों को सुरक्षित नीचे उतारा। इसके बाद एक घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देकर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया। इस प्रदर्शन के माध्यम से आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, राहत कार्यों और विभागीय समन्वय की तत्परता का सफल परीक्षण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सिविल डिफेंस, पुलिस प्रशासन, फायर ब्रिगेड तथा आपदा मित्रों की टीमों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने आग लगने की स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों, भवनों से सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया तथा प्राथमिक बचाव तकनीकों का प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, सरकारी कर्मचारी एवं स्थानीय नागरिक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और उन्होंने प्रशिक्षण संबंधी जानकारियां प्राप्त कीं।
इस अवसर पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग सिंह, डॉ. राजीव कुमार एवं आपदा विभाग के प्रशिक्षक जैकी कुमार ने गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति से सुरक्षित तरीके से निपटने के उपायों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि सतर्कता, सही जानकारी और त्वरित कार्रवाई से कई बड़े हादसों को रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों को घरेलू एवं सार्वजनिक स्थानों पर अग्नि सुरक्षा उपकरणों के उपयोग की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में अग्निशमन अधिकारी आर.के. यादव, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शमशेर आलम, आपदा एवं नागरिक सुरक्षा सहायक नासिर हुसैन, प्रवेश कुमार, गुलफाम अहमद, प्रिन्सी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर उपस्थित लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की सराहना करते हुए ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।


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