सोरम का मुख्य मार्ग बना तालाब, छह दिन से जलभराव से जूझ रहे ग्रामीण, प्रशासन से जल्द समाधान की मांग
सोरम का मुख्य मार्ग बना तालाब, छह दिन से जलभराव से जूझ रहे ग्रामीण, प्रशासन से जल्द समाधान की मांग


शाहपुर। क्षेत्र के ऐतिहासिक गांव सोरम का मुख्य मार्ग पिछले छह दिनों से भारी जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। लगातार मुख्य मार्ग पर पानी भरे रहने से सड़क तालाब का रूप ले चुकी है, जिसके चलते ग्रामीणों, राहगीरों और आसपास के गांवों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव की इस समस्या ने न केवल आवागमन को प्रभावित किया है बल्कि ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।
शाहपुर-मंडावली मार्ग पर स्थित गांव सोरम का यह मुख्य मार्ग क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ता है। गांव शाहजुड़ी, गोयला, डबल, कितास सहित आसपास के अनेक गांवों के लोग प्रतिदिन इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। लेकिन मार्ग पर कई दिनों से जमा पानी के कारण लोगों को आवाजाही में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर पानी इतना अधिक भर गया है कि वाहन चालकों को सड़क और गड्ढों का अंदाजा तक नहीं लग पा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण सबसे अधिक परेशानी दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ रही है। कई वाहन पानी में बंद हो रहे हैं और लोगों को घंटों परेशान होना पड़ रहा है। किसान भी खेतों तक पहुंचने और कृषि कार्यों के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं, लेकिन रास्ता जलमग्न होने से उनकी परेशानियां भी बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर बने गड्ढे पानी में छिप जाने से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए गांव का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को बुढाना तहसील दिवस में पहुंचा था, जहां अधिकारियों को जलभराव की समस्या से अवगत कराते हुए पानी निकासी की मांग की गई थी। अधिकारियों द्वारा सोमवार को मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करने और जलनिकासी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन सोमवार शाम तक भी कोई अधिकारी गांव में नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में निराशा और आक्रोश दोनों बढ़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय रहते जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दिनों ओलंपिक कबड्डी संघ के सह सचिव रामपाल सिंह ने भी प्रशासन को पत्र भेजकर मुख्य मार्ग पर भरे पानी की निकासी कराने तथा स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की मांग की थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
ग्रामीणों और क्षेत्र के अन्य गांवों के लोगों ने प्रशासन से जल्द मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान कराने तथा जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।











