
अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान में भव्य समारोह, बढ़े मानदेय के प्रतीकात्मक चेक वितरित
अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान में भव्य समारोह, बढ़े मानदेय के प्रतीकात्मक चेक वितरित

मुजफ्फरनगर, 17 मई। जनपद मुजफ्फरनगर में अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय के भुगतान/वितरण के शुभारंभ को लेकर जिला पंचायत सभागार, कलेक्ट्रेट में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के माननीय कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने की, जबकि मुख्य विकास अधिकारी कण्डारकर कमल किशोर देशभूषण के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष संजय राठी, नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर, तहसीलदार सदर राधेश्याम गौड़ सहित अनेक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित शिक्षकों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। मंच संचालन डॉ. राजीव कुमार, सदस्य बाल कल्याण समिति द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में जिले के सभी विकास खंडों से खंड शिक्षा अधिकारी, 108 अंशकालिक अनुदेशक एवं अनुदेशिकाएं तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित लगभग 250 लोगों ने प्रतिभाग किया। समारोह के दौरान लोक भवन, लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण एलईडी स्क्रीन के माध्यम से दिखाया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह तथा कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे के संबोधन प्रसारित किए गए।
मुख्यमंत्री द्वारा अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 9000 रुपये से बढ़ाकर 17000 रुपये प्रतिमाह किए जाने की घोषणा को ऐतिहासिक बताते हुए सभी अनुदेशकों को बधाई दी गई। उन्होंने अनुदेशकों एवं उनके परिवारों के लिए 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महिला अनुदेशकों को 6 माह का सवेतन मातृत्व अवकाश तथा स्वेच्छानुसार विद्यालय परिवर्तन की सुविधा देने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल तकनीक, स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के माध्यम से बच्चों का भविष्य उज्जवल बनाया जा रहा है।

कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि अनुदेशक लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग कर रहे थे और मुख्यमंत्री ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों और अनुदेशकों के सम्मान एवं हितों के लिए लगातार कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्य अतिथि एवं अन्य अधिकारियों द्वारा अंशकालिक अनुदेशकों को 17000 रुपये की प्रतीकात्मक चेक धनराशि प्रदान कर शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया। समारोह में उपस्थित सभी लोगों के लिए सूक्ष्म जलपान की भी व्यवस्था की गई। जिला समन्वयक सुशील कुमार के विशेष योगदान की सराहना की गई। अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, मीडिया कर्मियों एवं अनुदेशकों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की।











