
शाहपुर में पोषण पखवाड़ा के तहत जागरूकता अभियान, बच्चों के बेहतर भविष्य पर दिया जोर
शाहपुर में पोषण पखवाड़ा के तहत जागरूकता अभियान, बच्चों के बेहतर भविष्य पर दिया जोर

शाहपुर। 8वें पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत गांव सोरम की मुस्लिम जाट चौपाल पर एक कार्यशाला एवं जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 09 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक चल रहे पोषण पखवाड़ा अभियान के तहत आयोजित किया गया, जिसकी मुख्य थीम “जीवन के पहले 06 वर्षों में मस्तिष्क का अधिकतम विकास” रखी गई है।


कार्यक्रम का आयोजन बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) राहुल नायडू एवं गीता देवी के सानिध्य में किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास के लिए पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक देखभाल के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना रहा।

CDPO राहुल नायडू ने अपने संबोधन में बताया कि बच्चे के जीवन के शुरुआती छह वर्ष उसके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान सही पोषण, उचित देखभाल और सकारात्मक वातावरण मिलने पर बच्चे का मस्तिष्क तेजी से विकसित होता है। उन्होंने बताया कि पोषण पखवाड़ा अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाना और अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनाना है।
गीता देवी ने कार्यक्रम के दौरान पोषण पखवाड़ा 2026 के प्रमुख फोकस क्षेत्रों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस अभियान में 0-6 वर्ष के बच्चों के मस्तिष्क विकास, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के पोषण, स्तनपान को बढ़ावा देने तथा 3-6 वर्ष के बच्चों के लिए खेल-आधारित शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करें और उन्हें घर का ताजा एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराएं।

इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकत्री मिथलेश देवी ने कहा कि बच्चों का सही पोषण ही उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को संतुलित आहार, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत गांव की गलियों में जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसमें बच्चों और महिलाओं ने हाथों में बैनर और स्लोगन लेकर लोगों को पोषण के प्रति जागरूक किया। रैली के माध्यम से संदेश दिया गया कि “स्वस्थ बच्चा, सशक्त राष्ट्र की नींव है।”
इस अवसर पर प्रीति, राजबाला, सोनिया, ममता, शेषमणि, बबिता, सुमन, राकेश, रेखा, रेनुका सहित अनेक आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां एवं उनकी सहायिकाएं मौजूद रहीं। ग्रामीणों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे बेहद उपयोगी बताया।
पोषण पखवाड़ा के तहत ऐसे कार्यक्रमों से समाज में जागरूकता बढ़ने के साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य और विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।











