20वें कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ, चरण सिंह टिकैत ने फीता काटकर किया उद्घाटन। कावड़ियों की सेवा सबसे बड़ा पुण्य कार्य—योगराज सिंह
20वें कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ, चरण सिंह टिकैत ने फीता काटकर किया उद्घाटन।
कावड़ियों की सेवा सबसे बड़ा पुण्य कार्य—योगराज सिंह


शाहपुर। श्रावण मास के पावन अवसर पर क्षेत्र के ऐतिहासिक गांव सोरम गेट नंबर-1 पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले विशाल कांवड़ सेवा शिविर का सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ विधिवत शुभारंभ किया गया। शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा को समर्पित इस 20वें कांवड़ सेवा शिविर का उद्घाटन भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के पुत्र चरण सिंह टिकैत ने फीता काटकर किया।

शिविर के शुभारंभ अवसर पर आयोजित हवन-पूजन में सूबेदार प्रणपाल सिंह यजमान रहे, जबकि आचार्य पंडित रामप्रसाद शर्मा एवं पंडित जनार्दन शर्मा ने वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई। हवन के पश्चात शिवभक्तों के सुखद एवं मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए प्रसाद वितरित किया गया।

सोरम गेट नंबर-1 पर समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से पिछले दो दशकों से निरंतर कांवड़ सेवा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे हजारों शिवभक्त कांवड़ियों के लिए भोजन, जलपान, विश्राम, चिकित्सा तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। शिविर में प्रतिदिन हजारों कांवड़िये प्रसाद ग्रहण कर विश्राम करते हैं और आयोजकों द्वारा उनकी सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री चौधरी योगराज सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने सेवा शिविर का अवलोकन कर ग्रामीणों द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रबंधों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि “कांवड़ियों की सेवा सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। सोरम के ग्रामीण जिस समर्पण, अनुशासन और सहयोग की भावना से पिछले 20 वर्षों से यह सेवा शिविर संचालित कर रहे हैं, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है। यहां भोजन, विश्राम और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था अत्यंत व्यवस्थित एवं सराहनीय है। पूर्व मंत्री योगराज सिंह ने पिछले 20 वर्षों से शिविर में विशेष योगदान दे रहे हलवाई दीपक गोयल की पीठ थपथपाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने प्रसाद के रूप में तैयार किए गए विभिन्न व्यंजनों की गुणवत्ता और स्वाद की भी खुलकर प्रशंसा की तथा सेवा में जुटे सभी कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया।
उद्घाटनकर्ता चरण सिंह टिकैत ने कहा कि “शिवभक्तों की सेवा भारतीय संस्कृति की पहचान है। कांवड़ियों की निःस्वार्थ सेवा करना भगवान शिव की सच्ची आराधना है। ग्रामीणों का यह सामूहिक प्रयास सामाजिक एकता और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है तथा इस परंपरा को भविष्य में भी इसी प्रकार आगे बढ़ाया जाएगा।”


कार्यक्रम में तेजस्वी शंकराचार्य सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी जयराम स्वरूप ब्रह्मचारी,सुरेन्द्र सिंह सूबेदार, बिजेंद्र चेयरमैन, डॉ. लोकेंद्र बालियान, संदीप बालियान, देशपाल सिंह, विकास बालियान, मा रामपाल सिंह, चंद्रवीर सिंह, पलड़ी प्रधान मोनू सैनी, प्रधान करणवीर सिंह, सत्यवीर सिक्ट्री, अमित सरपंच, बादल चौधरी, ऋषिपाल सिंह, मा योगेंद्र सिंह, सेवानिवृत्त सीओ चंद्रमणि बालियान, मा रजनीश, प्रमोद कुमार, डॉ. बसंत कुमार, मा विक्रम सिंह, योगेंद्र सिंह, राकेश कुमार, मनोज विश्वकर्मा, हरेन्द्र सिंह, मा सतबीर सिंह, कृष्ण कुमार, अजय चौधरी, देवेंद्र वर्मा, पप्पन, बिजेंद्र कुमार, रूड़ा सेन, सतवीर सेन डॉ संत कुमार प्रजापति,सहित सैकड़ों ग्रामीण एवं शिवभक्त उपस्थित रहे। पूरे वातावरण में “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे।












