
ग्रामीण पत्रकारिता में संघर्ष के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी : राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल। पत्रकार समाज का आईना—डॉ वीरपाल निर्वाल
ग्रामीण पत्रकारिता में संघर्ष के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी : राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल।
पत्रकार समाज का आईना—डॉ वीरपाल निर्वाल

मुजफ्फरनगर। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन द्वारा जिला पंचायत सभागार में “ग्रामीण पत्रकारिता एक जोखिम भरा कार्य” विषय पर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, उससे जुड़ी चुनौतियों और जिम्मेदारियों पर विस्तार से मंथन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कपिल देव अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि समय के साथ पत्रकारिता का दायरा शहरों से निकलकर गांव-गांव तक पहुंच चुका है। आज ग्रामीण पत्रकारिता समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज बन चुकी है, लेकिन इसके साथ संघर्ष और जोखिम भी बढ़े हैं।


उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि सच्ची समाजसेवा है। किसी भी समाचार का महत्व तभी है जब उसके साथ समाधान भी प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सोशल मीडिया और यूट्यूब के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौर में खबरों को बिना पुष्टि के प्रसारित करना खतरनाक हो सकता है। इसलिए हर पत्रकार का कर्तव्य है कि वह तथ्यों की जांच कर ही खबर प्रकाशित करे।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने पत्रकारों को समाज का आईना बताते हुए कहा कि वे जनसमस्याओं को शासन और प्रशासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों को अनेक प्रकार की कठिनाइयों और जोखिमों का सामना करना पड़ता है, फिर भी वे निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।

सहारनपुर के जिलाध्यक्ष आलोक तनेजा ने कहा कि पत्रकारिता एक चुनौतीपूर्ण पेशा है, जहां हर कदम पर कठिनाइयां सामने आती हैं। ऐसे में पत्रकारों के लिए साहस, धैर्य और निष्पक्षता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने पत्रकारों को सलाह दी कि वे खबरों में संतुलन बनाए रखें और किसी भी पक्ष के प्रति पक्षपात से बचें, तभी पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनी रह सकती है।
मंडल अध्यक्ष ओमवीर सिंह ने ग्रामीण पत्रकारिता को देश के विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि गांवों की समस्याएं और मुद्दे उजागर करने में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में काम करने वाले पत्रकारों को सुरक्षा, सशक्तिकरण और आर्थिक मजबूती प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि वे निर्भीक होकर अपना कार्य कर सकें।
संगोष्ठी को मुख्य संदर्भ व्यक्ति आनंद प्रकाश, संजीव चौधरी, संजीव तोमर और तरुण पाल ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला और वर्तमान समय में पत्रकारों के सामने आने वाली चुनौतियों पर गंभीर चर्चा की।
कार्यक्रम का संचालन रोहिताश कुमार वर्मा ने कुशलता के साथ किया, जबकि जिला अध्यक्ष संजय राठी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर जनपद मुजफ्फरनगर के खतौली, बुढ़ाना, पुरकाजी, मीरापुर, जानसठ, मोरना, भोपा, ककरौली, चरथावल, सिसौली, शाहपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों पत्रकारों ने भाग लिया और अपने विचार साझा किए। संगोष्ठी ने यह स्पष्ट किया कि ग्रामीण पत्रकारिता आज केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में बदलाव लाने की एक सशक्त ताकत बन चुकी है, जिसे जिम्मेदारी, निष्पक्षता और साहस के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।











