नौकरीपेशा और छोटे व्यापारियों के लिए बने ‘संकटकालीन फंड’: अशोक बालियान मुजफ्फरनगर। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर प्रदेश के नौकरीपेशा नागरिकों, मध्य

नौकरीपेशा और छोटे व्यापारियों के लिए बने ‘संकटकालीन फंड’: अशोक बालियान

मुजफ्फरनगर। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर प्रदेश के नौकरीपेशा नागरिकों, मध्यमवर्गीय परिवारों और छोटे व्यापारियों के लिए मजबूत ‘आपातकालीन वित्तीय सुरक्षा तंत्र’ (Social Safety Net) तथा ‘संकटकालीन फंड’ स्थापित किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अचानक उत्पन्न होने वाले गंभीर आर्थिक संकट की स्थिति में सरकार की ओर से त्वरित वित्तीय सहायता मिलने की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि कोई परिवार आर्थिक तंगी के कारण हताशा और आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर न हो।
अशोक बालियान ने पत्र में हाल ही में नोएडा में भारी कर्ज, अवसाद और वित्तीय संकट से परेशान एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर द्वारा 43वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या किए जाने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हृदयविदारक घटना समाज और सरकार दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से आर्थिक संकट के कारण मध्यमवर्गीय परिवारों के मुखिया और अन्य लोगों द्वारा आत्मघाती कदम उठाए जाने की खबरें सामने आती रहती हैं।
उन्होंने कहा कि निजी कंपनियों में नौकरी करने वाले कर्मचारियों तथा छोटे व्यापारियों के सामने नौकरी छूटने, कारोबार में भारी घाटा होने, अचानक स्वास्थ्य खर्च बढ़ने अथवा पारिवारिक विवादों में कानूनी देनदारी आने जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होने पर आय का स्रोत अचानक बंद हो जाता है। ऐसे समय में उनके लिए दैनिक घरेलू खर्च और आकस्मिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने वाली कोई सीधी सरकारी व्यवस्था नहीं है।
बालियान ने विकसित देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और जर्मनी जैसे देशों में बेरोजगारी या आय में अचानक कमी आने पर नागरिकों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में भी इसी प्रकार की व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि राज्य के वार्षिक बजट में इस उद्देश्य के लिए निश्चित धनराशि आरक्षित की जाए। इसके साथ ही प्रदेश में उपलब्ध कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड का एक हिस्सा भी इस फंड में लगाने की व्यवस्था की जा सकती है। गंभीर वित्तीय संकट अथवा आपदा के कारण आय शून्य होने की स्थिति में पात्र परिवारों को तीन से छह माह तक न्यूनतम गुजारा भत्ता डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया।
उन्होंने कहा कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और त्वरित होनी चाहिए, ताकि जरूरतमंद व्यक्ति को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। बालियान ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संवेदनशील एवं दूरदर्शी नेतृत्व में ऐसी व्यवस्था बनने से प्रदेश का मध्यमवर्ग, नौकरीपेशा वर्ग और छोटा व्यापारी स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस करेगा।


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