जमीन बंधक बनाकर ऋण देने के विरोध में किसानों ने किया जिला सहकारी बैंक शाहपुर शाखा प्रबंधक से की मुलाकात

जमीन बंधक बनाकर ऋण देने के विरोध में किसानों ने किया जिला सहकारी बैंक शाहपुर शाखा प्रबंधक से की मुलाकात

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शाहपुर। किसानों की जमीन को बंधक बनाकर ऋण दिए जाने के विरोध में गुरुवार को क्षेत्र के किसानों ने जिला सहकारी बैंक की शाहपुर शाखा पर पहुंचकर शाखा प्रबंधक से की मुलाकात  कर इस व्यवस्था को तत्काल समाप्त करने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
जानकारी के अनुसार क्षेत्र के गांव गोयला सहित आसपास के कई गांवों के किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल किसान नेता अनिल चौधरी एवं राज सिंह आर्य के नेतृत्व में मंगलापुरी मंडी स्थित जिला सहकारी बैंक की शाखा पर पहुंचा। यहां किसानों ने शाखा प्रबंधक के कार्यालय में बैठकर जमीन बंधक बनाने की प्रक्रिया का विरोध जताया।
किसान नेता अनिल चौधरी ने कहा कि सहकारी समितियों के सदस्य स्वयं किसान हैं और वे समितियों के शेयरधारक भी हैं। इसके बावजूद किसानों को ऋण देने के लिए उनकी कृषि भूमि को बंधक बनाना अनुचित है। उन्होंने बताया कि पहले सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को बिना भूमि बंधक बनाए ऋण उपलब्ध कराया जाता था, लेकिन पिछले लगभग एक वर्ष से मुजफ्फरनगर जनपद में किसानों की जमीन को बंधक बनाकर ही ऋण स्वीकृत किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में कुछ समय पूर्व किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला सहकारी बैंक के मुख्यालय मुजफ्फरनगर पहुंचा था, जहां बैंक सचिव से वार्ता हुई थी। उस दौरान किसानों को आश्वासन दिया गया था कि बिना भूमि बंधक बनाए ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर विचार किया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद वर्तमान प्रक्रिया जारी है।
किसानों ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में अनेक योजनाएं चला रही है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। इसके बावजूद किसानों से जुड़ी संस्थाओं में कार्यरत कुछ कर्मचारी/अधिकारी ऐसे नियम लागू कर रहे हैं, जिससे किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि भूमि बंधक बनाने का यह नियम प्रदेश के अन्य जनपदों में लागू नहीं है और केवल मुजफ्फरनगर में ही इसका पालन कराया जा रहा है।
किसान नेताओं ने आशंका जताई कि इस प्रकार की व्यवस्था किसानों में असंतोष पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि यदि तीन दिन के भीतर इस नियम को समाप्त नहीं किया गया तो किसान जिला सहकारी बैंक के खिलाफ व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे। आंदोलन के तहत बैंक शाखाओं पर धरना-प्रदर्शन और तालाबंदी जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
दूसरी ओर जिला सहकारी बैंक शाहपुर शाखा के प्रबंधक अजय कुमार ने किसानों को बताया कि भूमि बंधक बनाने की प्रक्रिया बैंक मुख्यालय के निर्देशों के अनुसार की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई किसान किसी अन्य बैंक से ऋण लेने के बाद जिला सहकारी बैंक से भी ऋण प्राप्त करना चाहता है, तो ऐसे मामलों में बैंक को उसकी भूमि बंधक बनाकर ही ऋण स्वीकृत करने के निर्देश प्राप्त हैं। शाखा प्रबंधक ने कहा कि वह मुख्यालय से मिले आदेशों का पालन कर रहे हैं और इस संबंध में अंतिम निर्णय उच्च अधिकारियों के स्तर पर ही लिया जा सकता है।

इस अवसर पर सतेन्द्र फौजी,कपिल चोधरी आदि दर्जनों किसान मौजूद रहे।


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