
समाज का दायित्व: अपराधियों नहीं, पीड़ितों के प्रति सहानुभूति होनी चाहिए – अशोक बालियान
समाज का दायित्व: अपराधियों नहीं, पीड़ितों के प्रति सहानुभूति होनी चाहिए – अशोक बालियान
मुजफ्फरनगर, 11 जून 2026।पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने बागपत जनपद के बड़ौत में हुए चर्चित पिता-पुत्र हत्याकांड पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि किसी भी आपराधिक घटना में समाज का पहला दायित्व पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति प्रकट करना होना चाहिए, न कि अपराधियों के प्रति भावनात्मक समर्थन खड़ा करना। उन्होंने कहा कि जब समाज अपराधियों के प्रति सहानुभूति दिखाने लगता है तो इससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है और वास्तविक पीड़ितों का दर्द कहीं पीछे छूट जाता है।अशोक बालियान ने कहा कि टेंट व्यवसायी सोहनलाल अग्रवाल और उनके पुत्र विकास अग्रवाल की निर्मम हत्या की घटना अत्यंत दुखद एवं विचलित करने वाली है। सोशल मीडिया और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारियों के अनुसार, अग्रवाल परिवार पर वर्षों के अंतराल में दो बार जानलेवा हमले हुए। पहले हमले में हमलावर पक्ष के एक व्यक्ति की मृत्यु हुई थी, जबकि दूसरे घटनाक्रम में मुख्य हमलावर भी मारा गया। लेकिन इन घटनाओं के बीच अग्रवाल परिवार ने अपने दो निर्दोष सदस्यों—पिता सोहनलाल और पुत्र विकास—को हमेशा के लिए खो दिया, जो अत्यंत पीड़ादायक है।उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। जनता के बीच किसी प्रकार की भ्रांति या अफवाह न फैले, इसके लिए पुलिस को समय-समय पर आधिकारिक प्रेस नोट जारी करने चाहिए। प्रेस नोट में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि अब तक की जांच में किन-किन व्यक्तियों की भूमिका सामने आई है, कितने आरोपी या षड्यंत्रकारी चिन्हित किए गए हैं, उनके विरुद्ध क्या साक्ष्य प्राप्त हुए हैं तथा जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है।बालियान ने कहा कि यदि इस मामले में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की गई है तो पुलिस को उसकी कथित भूमिका, उपलब्ध साक्ष्यों और गिरफ्तारी के कानूनी आधार के बारे में भी तथ्यात्मक जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। इससे अनावश्यक अटकलों, अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी तथा आमजन का पुलिस और न्याय व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होगा।उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य हमलावर की मृत्यु से संबंधित परिस्थितियों और पुलिस कार्रवाई के संबंध में भी विस्तृत एवं तथ्यात्मक जानकारी जनता के समक्ष रखी जानी चाहिए। पारदर्शी और निष्पक्ष जांच ही किसी भी मामले में न्याय सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।अशोक बालियान ने जाट समाज सहित सभी समुदायों से अपील करते हुए कहा कि इस मामले को लेकर किसी प्रकार की सामाजिक पंचायत आयोजित न की जाए। यदि किसी पक्ष को अपनी बात रखनी है तो वह जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक अथवा अन्य सक्षम अधिकारियों के समक्ष उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अपनी बात प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि कानून से जुड़े मामलों का समाधान संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से ही होना चाहिए, तभी पीड़ितों को न्याय और समाज को सही संदेश मिल सकेगा। :::











