
शुकतीर्थ के विकास की योजना आगामी 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जाए : अशोक बालियान
शुकतीर्थ के विकास की योजना आगामी 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जाए : अशोक बालियान

नई दिल्ली, 09 जून 2026। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने शुकतीर्थ (शुक्रताल) के दीर्घकालिक एवं सुनियोजित विकास की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा है कि इस ऐतिहासिक एवं पौराणिक धार्मिक नगरी का विकास आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने शुकतीर्थ के समग्र विकास से संबंधित एक विस्तृत रिपोर्ट जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. बीरपाल निरवाल तथा शुकदेव आश्रम के ट्रस्टी ओमदत्त आर्य को सौंपते हुए इसे धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से विश्वस्तरीय पहचान दिलाने का आग्रह किया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि शुकतीर्थ में प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यहां की आधारभूत सुविधाओं, यातायात व्यवस्था, पार्किंग, जल निकासी, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्थाओं का वैज्ञानिक एवं पेशेवर दृष्टिकोण से विकास किया जाना आवश्यक है। इसके लिए प्रमुख मार्गों का यातायात एवं पर्यटन विशेषज्ञों द्वारा सर्वेक्षण कराकर चरणबद्ध चौड़ीकरण कराया जाए।
अशोक बालियान ने सुझाव दिया कि गंगा घाट मार्ग को न्यूनतम 24 मीटर (80 फुट) तथा शुकदेव पीठ, हनुमंत धाम, भागवत पीठ, अक्षयवट और अन्य प्रमुख आश्रमों को जोड़ने वाले मार्गों को कम से कम 18 मीटर (60 फुट) चौड़ा किया जाए। अन्य महत्वपूर्ण मार्गों की चौड़ाई भी 15 मीटर (50 फुट) निर्धारित की जाए। सभी प्रमुख सड़कों के दोनों ओर फुटपाथ, जल निकासी नालियां और भूमिगत यूटिलिटी कॉरिडोर विकसित किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के लिए भूमि उपलब्ध कराने हेतु आपसी सहमति से बैनामा, भूमि पूलिंग योजना तथा आवश्यक होने पर उचित मुआवजे के साथ भूमि अधिग्रहण की व्यवस्था अपनाई जा सकती है। इसके अतिरिक्त शुकदेव पीठ, गंगा घाट, हनुमंत धाम और नगर के प्रवेश स्थलों पर बहुस्तरीय पार्किंग का निर्माण कर वहां से ई-रिक्शा एवं बैटरी बस सेवाएं संचालित की जानी चाहिए।
रिपोर्ट में वर्षा जल निकासी, घरेलू जल निकासी और सीवर व्यवस्था को अलग-अलग वैज्ञानिक प्रणालियों के रूप में विकसित करने की भी सिफारिश की गई है, ताकि गंगा नदी को प्रदूषण से बचाया जा सके। साथ ही बिजली, गैस पाइपलाइन और फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क के लिए अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर विकसित करने का सुझाव दिया गया है।
अशोक बालियान ने कहा कि आधुनिक सफाई व्यवस्था के तहत रोड स्वीपिंग मशीनें, मैकेनिकल सीवर सफाई मशीनें, घाट सफाई मशीनें तथा कूड़ा संकलन एवं प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किए जाने चाहिए। उन्होंने शुकतीर्थ को “धार्मिक पर्यटन नगर” घोषित कर धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने की मांग भी उठाई, जिसमें शुकदेव पीठ, अक्षयवट, गंगा घाट, हनुमंत धाम, भागवत पीठ और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को शामिल किया जाए।
रिपोर्ट में घाटों के सुदृढ़ीकरण, सीसीटीवी निगरानी, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षित स्नान सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया गया है। मेलों और पर्वों के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए आपातकालीन चिकित्सा केंद्र, अग्निशमन सुविधाएं, आपदा प्रतिक्रिया योजना तथा आपातकालीन निकासी मार्ग विकसित करने की आवश्यकता बताई गई है।
शुकदेव आश्रम के ट्रस्टी ओमदत्त आर्य द्वारा शुकतीर्थ के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए अशोक बालियान ने कहा कि उन्होंने स्वामी ओमानंद महाराज के साथ मिलकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे हैं। उन्होंने कहा कि शुकतीर्थ केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। यदि इसके विकास में दीर्घकालिक, वैज्ञानिक और पेशेवर दृष्टिकोण अपनाया जाए तो यह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान स्थापित कर सकता है तथा स्थानीय नागरिकों के आर्थिक विकास का भी सशक्त माध्यम बन सकता है।











