
MSP निर्धारण को लेकर CACP बैठक में किसानों की आवाज बुलंद, अशोक बालियान ने दिए व्यापक सुझाव
MSP निर्धारण को लेकर CACP बैठक में किसानों की आवाज बुलंद, अशोक बालियान ने दिए व्यापक सुझाव
नई दिल्ली, 05 जून। रबी फसल वर्ष 2027-28 के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारण को लेकर कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में किसान संगठनों ने किसानों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। नई दिल्ली स्थित अम्बेडकर भवन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता CACP के अध्यक्ष प्रो. ए. गणेश कुमार ने की, जिसमें विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
बैठक में पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं चेयरमैन अशोक बालियान ने किसानों की आय सुरक्षा, कृषि की लाभप्रदता और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव आयोग के समक्ष रखे। उन्होंने कहा कि MSP का निर्धारण स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों की भावना के अनुरूप C2 लागत पर न्यूनतम 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर किया जाना चाहिए ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके।
अशोक बालियान ने किसान परिवार के श्रम को कुशल श्रम के रूप में मान्यता देने की मांग करते हुए कहा कि कृषि लागत निर्धारण में कटाई के बाद होने वाले सफाई, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन और विपणन जैसे खर्चों को भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाओं, बाजार में मूल्य गिरावट, आयात प्रतिस्पर्धा, निर्यात प्रतिबंध और नीतिगत अनिश्चितताओं के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए MSP में जोखिम प्रीमियम जोड़ने का सुझाव भी दिया।
उन्होंने यह भी मांग उठाई कि यदि किसानों को बाजार में MSP से कम मूल्य प्राप्त होता है, तो सरकार द्वारा मूल्य-अंतर भुगतान प्रणाली लागू कर MSP और बाजार मूल्य के अंतर की राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने ‘वन नेशन-वन MSP’ व्यवस्था लागू करने तथा खरीद केंद्रों की सूची फसल कटाई से कम से कम 15 दिन पूर्व जारी करने पर बल दिया।
दलहन और तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने कहा कि चना, मसूर, सरसों जैसी फसलों के लिए आकर्षक MSP और सुनिश्चित खरीद व्यवस्था देश की आयात निर्भरता कम करने में सहायक होगी। उन्होंने नए दलहन उत्पादक क्षेत्रों में मोबाइल खरीद केंद्र शुरू करने का भी सुझाव दिया ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके।
बैठक में कृषि अवसंरचना सुधार, निजी निवेश, अनुबंध खेती, क्षेत्रवार फसल नियोजन और गैर-MSP फसलों के लिए चरणबद्ध मूल्य संरक्षण तंत्र विकसित करने पर भी चर्चा की गई। अंत में अशोक बालियान ने कहा कि केवल MSP घोषित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सभी प्रमुख रबी फसलों की समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी सरकारी खरीद सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।
पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि आयोग किसानों द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगा और भविष्य की MSP नीति को अधिक किसान हितैषी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।











