पश्चिम एशिया संकट के बीच आयातित वस्तुओं की खपत घटाना राष्ट्रहित में आवश्यक : अशोक बालियान

 

पश्चिम एशिया संकट के बीच आयातित वस्तुओं की खपत घटाना राष्ट्रहित में आवश्यक : अशोक बालियान

मुज़फ्फरनगर, 12 मई 2026।
पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा पश्चिम एशिया संकट के बीच देशवासियों से सोना, तेल और अन्य आयातित उत्पादों की खपत कम करने की अपील का समर्थन करते हुए इसे राष्ट्रहित में उठाया गया अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में प्रत्येक नागरिक का दायित्व बनता है कि वह देश की आर्थिक मजबूती के लिए अपनी भूमिका निभाए।
अशोक बालियान ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में निजी वाहनों का अत्यधिक उपयोग सीधे तौर पर विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ाता है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि देशवासी कुछ समय के लिए निजी वाहनों के उपयोग में 10 से 20 प्रतिशत तक की कमी कर दें, तो इससे देश के अरबों रुपये बचाए जा सकते हैं। साथ ही सार्वजनिक परिवहन, कार पूलिंग और आवश्यकतानुसार ही वाहन उपयोग जैसी आदतें अपनाकर देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में सहयोग दिया जा सकता है।
उन्होंने खाद्य तेल के आयात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत प्रतिवर्ष लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपये का खाद्य तेल विदेशों से खरीदता है। यदि विदेशी तेलों पर निर्भरता कम की जाए और देश में सरसों, सोयाबीन तथा सूरजमुखी जैसी तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए, तो इससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकारों से मांग की कि किसानों को तिलहन उत्पादन के लिए बेहतर समर्थन मूल्य, आधुनिक तकनीक और प्रोत्साहन योजनाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि देश खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।
अशोक बालियान ने सोने की बढ़ती मांग को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में निवेश के उद्देश्य से सोने की मांग 82 टन रही, जबकि आभूषणों की मांग 66 टन दर्ज की गई। उनका कहना था कि यदि निवेश करना ही है तो लोगों को कागजी सोना, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड या डिजिटल निवेश विकल्पों को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि देश का कीमती विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि शादी-विवाह जैसे आवश्यक अवसरों पर ही सीमित मात्रा में आभूषण खरीदे जाएं और कुछ समय तक निवेश के लिए सोने की खरीद से बचा जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सोना खरीदने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। इससे डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपया कमजोर होता है। कमजोर रुपये का सीधा असर पेट्रोल-डीजल समेत अन्य जरूरी आयातित वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है, जिससे महंगाई बढ़ती है और आम जनता प्रभावित होती है।
अशोक बालियान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील केवल एक आर्थिक सुझाव नहीं, बल्कि वर्तमान वैश्विक संकट के दौर में देशहित में लिया गया दूरदर्शी निर्णय है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करते हुए स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें और अनावश्यक आयातित वस्तुओं की खपत कम कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।


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