गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग पर गोयला के किसानों का फूटा गुस्सा, 10 नवम्बर से विधानसभा के सामने अनशन की चेतावनी

गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग पर गोयला के किसानों का फूटा गुस्सा, 10 नवम्बर से विधानसभा के सामने अनशन की चेतावनी

 

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शाहपुर। क्षेत्र के गांव गोयला निवासी किसान अनिल चौधरी, सत्येंद्र चौधरी और चौधरी सुभाष चंद्र ने गन्ना किसानों की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। किसानों ने कहा कि क्षेत्र का गन्ना उत्पादक इस समय आर्थिक संकट से गुजर रहा है। लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं दिलवा पा रही है।किसानों ने कहा कि पड़ोसी राज्य हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की ही सरकार होते हुए भी वहां के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस सीजन में 415 रुपये प्रति कुंतल गन्ना मूल्य घोषित किया है, जबकि उत्तर प्रदेश में अब तक गन्ने का भाव नहीं बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र में भी उच्च किस्म का गन्ना उत्पादित होता है, जिससे चीनी के साथ-साथ एथेनॉल भी तैयार किया जा रहा है। इसके बावजूद मिल मालिकों को तो भारी मुनाफा हो रहा है, लेकिन किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है।
किसानों ने राष्ट्रीय लोकदल पार्टी पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि पार्टी हमेशा किसानों की आवाज उठाने का दावा करती रही है, लेकिन सरकार में साझेदार होने के बावजूद किसानों की पीड़ा पर मौन है। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह और चौधरी अजीत सिंह ने हमेशा किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया, पर अब उनकी नीतियों से उनके उत्तराधिकारियो में विचलन दिखाई दे रहा है।अनिल चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि हरियाणा की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी गन्ना मूल्य 415 रुपये प्रति कुंतल किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो वे 10 नवम्बर से विधानसभा के सामने आमरण अनशन करने को बाध्य होंगे। किसानों ने कहा कि अब वे अपने हक के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।


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