
गैंगस्टर एक्ट में संशोधन कर माफियाओं की अवैध संपत्तियों की कुर्की को और प्रभावी बनाया जाए: अशोक बालियान
गैंगस्टर एक्ट में संशोधन कर माफियाओं की अवैध संपत्तियों की कुर्की को और प्रभावी बनाया जाए: अशोक बालियान

मुजफ्फरनगर, 14 जुलाई। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एवं असामाजिक क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 में महत्वपूर्ण संशोधन किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में माफियाओं और संगठित अपराधियों के खिलाफ सरकार द्वारा चलाया जा रहा अभियान सराहनीय है, लेकिन वर्तमान कानूनी व्यवस्था में कुछ प्रक्रियागत कमियां होने के कारण कई मामलों में अवैध संपत्तियों की कुर्की के आदेश न्यायालयों में निरस्त हो जाते हैं। ऐसे में कानून में आवश्यक संशोधन कर इस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए।
अशोक बालियान ने अपने पत्र में कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत किसी अपराधी की संपत्ति कुर्क करने से पहले राज्य सरकार अथवा पुलिस को न्यायालय में यह सिद्ध करना पड़ता है कि संबंधित संपत्ति सीधे अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई है। इस प्रक्रिया में साक्ष्य जुटाना अत्यंत कठिन होता है, जिसका लाभ संगठित अपराधी उठाते हैं। उन्होंने कहा कि माफिया अपनी अवैध कमाई को रिश्तेदारों, परिचितों अथवा बेनामी व्यक्तियों के नाम पर स्थानांतरित कर देते हैं, जिससे उनके विरुद्ध कार्रवाई कमजोर पड़ जाती है।
उन्होंने 11 जुलाई 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा देवरिया के एक गैंगस्टर मामले में संपत्ति कुर्की का आदेश निरस्त किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि न्यायालय ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव को आधार बनाया। यह घटना इस बात का संकेत है कि मौजूदा कानून में प्रक्रियागत सुधार की आवश्यकता है, ताकि तकनीकी आधार पर कुर्की आदेश निरस्त न हों।
अशोक बालियान ने मुख्यमंत्री से आगामी विधानसभा सत्र में संशोधन विधेयक लाने का अनुरोध करते हुए दो प्रमुख बदलाव प्रस्तावित किए हैं। पहला, गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 में ‘रिवर्स बर्डन ऑफ प्रूफ’ का प्रावधान जोड़ा जाए। इसके तहत यदि किसी व्यक्ति पर गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज है तो उसकी तथा उसके आश्रितों की संपत्तियों के संबंध में यह विधिक उपधारणा लागू हो कि वे अवैध आय से अर्जित हैं। इसके बाद संबंधित व्यक्ति पर यह दायित्व हो कि वह अपनी संपत्ति के वैध स्रोतों का प्रमाण प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) तथा एनडीपीएस अधिनियम में भी इसी प्रकार के प्रावधान मौजूद हैं।
दूसरे प्रस्ताव में उन्होंने गैंगस्टर एक्ट की धारा 15 और 19 में संशोधन कर ‘मूल्य-आधारित जब्ती’ (Value-Based Forfeiture) को मान्यता देने की मांग की। उनके अनुसार यदि अपराध से संबंधित संपत्ति का प्रत्यक्ष संबंध स्थापित न भी हो सके, तब भी गैंगस्टर द्वारा समाज अथवा सरकारी खजाने को पहुंचाए गए अनुमानित वित्तीय अथवा भौतिक नुकसान के बराबर मूल्य की उसकी संपत्ति कुर्क करने का अधिकार जिला मजिस्ट्रेट को मिलना चाहिए।
अशोक बालियान ने कहा कि इन संशोधनों से उत्तर प्रदेश में माफियाओं और संगठित अपराधियों के विरुद्ध चल रहे अभियान को मजबूत कानूनी आधार मिलेगा। साथ ही अदालतों में तकनीकी कारणों से कुर्की आदेश निरस्त होने की संभावना भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस महत्वपूर्ण विधायी सुधार पर गंभीरता से विचार करेंगे और प्रदेश को अपराधमुक्त बनाने की दिशा में इसे प्रभावी कदम के रूप में लागू करेंगे।












