
मानसून की पहली बारिश बनी आफत: शाहपुर कस्बे व दो दर्जन गांव जलमग्न, घरों-दुकानों में घुसा पानी, मकान ढहे, लाखों का नुकसान
मानसून की पहली बारिश बनी आफत: शाहपुर कस्बे व दो दर्जन गांव जलमग्न, घरों-दुकानों में घुसा पानी, मकान ढहे, लाखों का नुकसान

शाहपुर। मानसून की पहली ही मूसलाधार बारिश ने शाहपुर कस्बे सहित पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। लगातार हुई बारिश से कस्बे और आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों में जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई। गलियां, सड़कें, बाजार, सरकारी कार्यालय, स्कूल भवन और कई मकान पानी में डूब गए। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले लगभग 40 वर्षों में इतनी भीषण बारिश और जलभराव पहली बार देखने को मिला है।
बारिश के कारण शाहपुर थाना परिसर, सोरम, पलड़ी सहित कई गांवों की सहकारी समितियों के भवनों में पानी भर गया। प्राथमिक विद्यालयों तथा अन्य सरकारी एवं निजी स्कूलों के परिसर भी जलमग्न हो गए, जिससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। कस्बे के बसी रोड स्थित मैक्सबेनसन स्कूल के चारों ओर कई फीट तक पानी भर गया। स्कूल संचालकों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द पानी नहीं निकला तो करोड़ों रुपये की लागत से बने स्कूल भवन को गंभीर नुकसान हो सकता है।
भारी वर्षा के चलते शाहपुर के मुख्य बाजार की अनेक दुकानों में भी पानी घुस गया, जिससे व्यापारियों को लाखों रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ा। दुकानदार रातभर अपने प्रतिष्ठानों से पानी निकालने और सामान बचाने में जुटे रहे।

क्षेत्र के ऐतिहासिक गांव सोरम की स्थिति सबसे अधिक खराब रही। पहले से जलभराव की समस्या झेल रहे मुख्य मार्ग पर गुरुवार रात हुई तेज बारिश के बाद तालाब ओवरफ्लो हो गया, जिससे पूरे गांव की गलियां नहर जैसी दिखाई देने लगीं। मोहल्ला सिलारी, जैन मंदिर के निकट तथा मोहल्ला गड़रियान सहित कई इलाकों में घरों के अंदर पानी घुस गया। कई परिवारों ने रात में ही अपना घरेलू सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
भीषण बारिश के कारण सोरम निवासी मुकेश पुत्र सोमीपाल के मकान का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। हालांकि परिवार के सभी सदस्य समय रहते बाहर निकल गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। वहीं दूसरे मोहल्ले में सोरम निवासी शाहिद पुत्र रियासत के मकान भी ढह गया। उस समय मकान में बच्चे मौजूद थे, लेकिन सभी बाल-बाल बच गए।

लगातार बारिश के चलते खेतों में भी एक से दो फीट तक पानी भर गया है, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। सोरम, शाहजुड़ी, गोयला, पलड़ी, काकड़ा, गढ़ी बहादुरपुर, रसूलपुर सहित अनेक गांवों के तालाब पूरी तरह भरकर ओवरफ्लो हो गए, जिससे पानी सड़कों और घरों तक पहुंच गया।
उधर, हाल ही में सोरम रजवाहे की पटरी निर्माण तथा शाहपुर-खतौली मार्ग के धंसने के कारण पहले से ही यातायात प्रभावित था। अब भारी वर्षा और जलभराव ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई मार्गों पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।
कस्बेवासी और ग्रामीण प्रशासन से तत्काल जल निकासी, क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत तथा प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द राहत कार्य शुरू नहीं किए गए तो जलभराव के कारण भवनों को और अधिक नुकसान होने के साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।












