
बीज विधेयक में किसान हितों को प्राथमिकता देने के लिए अशोक बालियान ने कृषि मंत्री को दिए महत्वपूर्ण सुझाव
बीज विधेयक में किसान हितों को प्राथमिकता देने के लिए अशोक बालियान ने कृषि मंत्री को दिए महत्वपूर्ण सुझाव
नई दिल्ली/मुज़फ्फरनगर। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन एवं सीफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक बालियान ने गुरुवार को कृषि भवन, नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर प्रस्तावित बीज विधेयक, 2026 के विभिन्न प्रावधानों को लेकर किसानों की ओर से महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि बीज की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विधेयक में किसान हितों को केंद्र में रखना आवश्यक है।
अशोक बालियान ने कहा कि किसानों को अच्छी गुणवत्ता का प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने के साथ-साथ बीज उत्पादक से लेकर किसान तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी की मजबूत व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने पूरी बीज आपूर्ति श्रृंखला की डिजिटल निगरानी तथा साथी पोर्टल को एकीकृत राष्ट्रीय बीज आंकड़ा एवं आपूर्ति व्यवस्था के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। इससे बीज की उपलब्धता, गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने सुझाव दिया कि यदि कोई बीज दोषपूर्ण या मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो उसकी बिक्री तत्काल रोकने के साथ ही उसे बाजार से वापस लेने की प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा किसानों के लिए बीज परीक्षण की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने पर भी जोर दिया गया, ताकि खराब बीज के कारण फसल प्रभावित होने पर किसान को लंबे समय तक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बालियान ने बीज विफल होने की स्थिति में किसानों को उचित एवं समयबद्ध मुआवजा दिलाने तथा इसके लिए राष्ट्रीय बीज क्षतिपूर्ति कोष स्थापित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बीज की गुणवत्ता में कमी के कारण किसान को होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई की स्पष्ट जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
मुलाकात के दौरान बिहार से नीरज नयन, झारखंड से संतोष जायसवाल, हरियाणा से सेवा सिंह आर्य, आंध्र प्रदेश से कोटि रेड्डी, तमिलनाडु से सेंबगम्म तथा उत्तर प्रदेश से सतपाल मान, केशव कुमार, अश्विन चौधरी और पुष्पेंद्र लाटियान सहित अन्य साथी मौजूद रहे।
अशोक बालियान ने कहा कि प्रस्तावित बीज विधेयक के विभिन्न प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद किसानों के हित में आवश्यक सुधारों को लेकर ये सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं। उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री से विधेयक को अधिक प्रभावी और किसान-केंद्रित बनाने के लिए गुणवत्ता से लेकर आर्थिक नुकसान की भरपाई तक पूरी जवाबदेही सुनिश्चित करने का आग्रह किया।











