कूरियर निर्यात में ₹10 लाख सीमा समाप्त, किसानों व MSME को मिलेगा बड़ा लाभ: अशोक बालियान

कूरियर निर्यात में ₹10 लाख सीमा समाप्त, किसानों व MSME को मिलेगा बड़ा लाभ: अशोक बालियान

मुज़फ्फरनगर, 30 मार्च 2026।
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से कूरियर के माध्यम से निर्यात की जाने वाली खेप पर ₹10 लाख की अधिकतम मूल्य सीमा समाप्त करने का निर्णय किसानों, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों (MSME) और ई-कॉमर्स स्टार्टअप्स के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे किसानों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मिलेगी और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव होगी।
उन्होंने कहा कि अब तक कूरियर के माध्यम से निर्यात पर ₹10 लाख की सीमा होने के कारण छोटे उत्पादकों और किसानों को वैश्विक बाजारों में प्रवेश करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस सीमा के हटने से अब किसान अपने उत्पादों को बिना किसी मूल्य बाधा के विदेशों तक भेज सकेंगे। हालांकि छोटे किसान व्यक्तिगत रूप से बड़ी खेप भेजने में सक्षम नहीं होते, लेकिन किसान उत्पादक संगठन (FPOs) के माध्यम से वे सामूहिक रूप से वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।
अशोक बालियान ने आगे कहा कि यह नीतिगत सुधार कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने और किसानों को आधुनिक बाजार व्यवस्था से जोड़ने में सहायक साबित होगा। इससे न केवल किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा बल्कि भारतीय कृषि उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मजबूत होगी।
इस निर्णय का लाभ केवल किसानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि MSME और ई-कॉमर्स स्टार्टअप्स को भी इससे बड़ा फायदा मिलेगा। अब ये उद्यमी अपने उत्पादों को कूरियर के माध्यम से आसानी से विदेशी ग्राहकों तक पहुंचा सकेंगे, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को भी गति मिलेगी। कुल मिलाकर, केंद्र सरकार का यह निर्णय कृषि, उद्योग और व्यापार तीनों क्षेत्रों के लिए एक सकारात्मक और दूरगामी प्रभाव वाला कदम साबित हो सकता है।


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