
योगी सरकार की छवि खराब करने की साजिश—माघ मेला, एआई फर्जीवाड़ा और नकारात्मक प्रचार पर लगे रोक-अशोक बालियान
योगी सरकार की छवि खराब करने की साजिश—माघ मेला, एआई फर्जीवाड़ा और नकारात्मक प्रचार पर लगे रोक-अशोक बालियान

प्रयागराज/लखनऊ। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक बालियान ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की सशक्त कानून-व्यवस्था और सुशासन की छवि को कमजोर करने के लिए कुछ तथाकथित धर्माचार्य, विपक्षी राजनीतिक शक्तियाँ और चुनिंदा मीडिया समूह सुनियोजित प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि हाल के दिनों में सामने आए कुछ विवाद इसी रणनीति का हिस्सा प्रतीत होते हैं।
अशोक बालियान ने कहा कि हाल ही में एक एसडीएम अलंकार अग्निहोत्री द्वारा दिया गया इस्तीफा भी इसी क्रम में देखा जा रहा है। एसडीएम ने अपने त्यागपत्र में प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े शिष्यों के साथ कथित पुलिस बदसलूकी को इस्तीफे का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा शिष्यों की शिखा पकड़कर मारपीट की गई, जिसे उन्होंने “सनातन धर्म पर आघात” बताया तथा ब्राह्मण समाज के हितों की अनदेखी की बात कही। हालांकि, कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस इस्तीफे को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ माहौल बनाने की एक सोची-समझी रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है, जिसमें भविष्य की राजनीति, विशेषकर 2027 के चुनाव, की भूमिका हो सकती है।
इसी बीच, प्रयागराज माघ मेला 2026 की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर एआई (AI) जनरेटेड फर्जी और भ्रामक तस्वीरें वायरल करने का मामला सामने आया। इन तस्वीरों में कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी को एक युवा साधु की शिखा खींचते हुए दिखाया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में शामिल मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में स्पष्ट हुआ कि ये तस्वीरें पूरी तरह से मनगढ़ंत थीं और इनका उद्देश्य जनता में आक्रोश फैलाना तथा कानून-व्यवस्था को प्रभावित करना था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए धार्मिक आयोजनों के दौरान सक्रिय “छद्म धर्माचार्यों” को रामायण के मायावी पात्र ‘कालनेमी’ की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग धर्म का मुखौटा पहनकर सनातन धर्म को कमजोर करने और समाज में भ्रम फैलाने की साजिश कर रहे हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित एआई-जनरेटेड फर्जी तस्वीरों और वीडियो की भी तीखी निंदा की।
अशोक बालियान ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा अपराधियों पर सख्ती और माफिया-मुक्त प्रदेश की नीति से आम नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास का भाव पैदा हुआ है। उन्होंने मांग की कि नकारात्मक और असत्य खबरें प्रकाशित करने वाले मीडिया समूहों से जिला प्रशासन द्वारा स्पष्टीकरण लिया जाए तथा तथ्यों की जांच के बाद ही समाचार प्रकाशित हों। उनका कहना है कि पूर्व में भी केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार के विरुद्ध ऐसे प्रयास किए गए, लेकिन जनता ने हर बार इन सरकारों के नेतृत्व पर भरोसा जताया है।











