
भीषण गर्मी और हीट वेव को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, लापरवाही पड़ सकती है भारी : सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया, बाल कल्याण समिति सदस्य राजीव कुमार ने हीट स्ट्रोक से बचाव को पोस्टर जारी किया
भीषण गर्मी और हीट वेव को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, लापरवाही पड़ सकती है भारी : सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया,
बाल कल्याण समिति सदस्य राजीव कुमार ने हीट स्ट्रोक से बचाव को पोस्टर जारी किया

मुजफ्फरनगर। जनपद में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने जनपदवासियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा है कि हीट वेव और तेज धूप के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि इन दिनों तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच रहा है, जिससे हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी, बेहोशी और त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से किसान, मजदूर, रिक्शा चालक, निर्माण कार्य में लगे श्रमिक, बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं अधिक प्रभावित हो सकती हैं, इसलिए उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और शरीर में पानी व लवण की कमी न होने दें। ओआरएस घोल, नींबू पानी, लस्सी, छाछ तथा अन्य तरल पदार्थों का सेवन नियमित रूप से करें। घर से खाली पेट बाहर न निकलें तथा यात्रा के दौरान पानी की बोतल साथ रखें। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को समय-समय पर पानी पिलाना बेहद जरूरी है।
सीएमओ ने कहा कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धूप और गर्मी सबसे अधिक रहती है, इसलिए इस दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकें तथा हल्के और सूती कपड़े पहनें। उन्होंने यह भी सलाह दी कि धूप से लौटने के तुरंत बाद बर्फ वाला या अत्यधिक ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
डॉ. सुनील तेवतिया ने लोगों को घरों को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखने के उपाय अपनाने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि दिन के समय खिड़कियां और पर्दे बंद रखें तथा रात में क्रॉस वेंटिलेशन अपनाएं। घरों में पौधे लगाने, हल्के रंग के कपड़े पहनने और मिट्टी के घड़े का पानी पीने से गर्मी से राहत मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, चक्कर, उल्टी, सांस लेने में परेशानी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक से संपर्क करें। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी स्वास्थ्य इकाइयों को हीट वेव से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।बाल कल्याण समिति सदस्य राजीव कुमार ने हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए पोस्टर जारी कर लोगो को जागरूक किया।
अंत में सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि “सावधानी ही सुरक्षा है।” थोड़ी सी जागरूकता और सतर्कता अपनाकर भीषण गर्मी और हीट वेव के खतरनाक प्रभावों से बचा जा सकता है।











