शिव विवाह कथा में मिली भारतीय संस्कृति की सीख

शिव विवाह कथा में मिली भारतीय संस्कृति की सीख

शाहपुर। श्री एकंतेश्वर धाम जुडड़ी वाला मंदिर में चल रही श्री शिव पुराण कथा के चतुर्थ दिवस पर भक्तों ने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की गहराई को आत्मसात किया। कथा का आयोजन नोएडा निवासी पत्रकार विनीत गर्ग द्वारा अपने माता-पिता स्व. श्रीमती सरोज बाला एवं चुन्नूलाल गर्ग की पावन स्मृति में कराया जा रहा है।

कथा व्यास पंडित त्रिलोकनाथ शास्त्री ने शिव विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि शिव विवाह और राम विवाह भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं, जो त्याग, प्रेम, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का अद्भुत संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि माता सीता और माता पार्वती, दोनों ही राजवंश की पुत्रियां थीं, फिर भी उन्होंने अपने पतियों के साथ वनवास के कष्ट सहे और हर परिस्थिति में धर्म का पालन किया। यही भारतीय संस्कृति की वास्तविक पहचान है — जिसमें भोग नहीं, त्याग और कर्तव्य सर्वोपरि हैं।

कथा से पूर्व पूजा-अर्चना का कार्य पंडित राम प्रसाद शर्मा द्वारा विधिवत संपन्न कराया गया। आयोजन में विनोद गर्ग, विनीत गर्ग, आयुष गर्ग, शिवा गर्ग, श्रीमती नीरज जिंदल, आंचल गोयल और रविता गोयल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कथा आयोजन में श्री एकंतेश्वर धाम जुडड़ी वाला मंदिर कमेटी का विशेष सहयोग रहा। वातावरण “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।


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