
योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व सुशासन, सुरक्षा और विकास का प्रतीक : अशोक बालियान
योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व सुशासन, सुरक्षा और विकास का प्रतीक : अशोक बालियान
मुज़फ्फरनगर | 16 जनवरी 2026
पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व आज प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में सुशासन, सशक्त कानून-व्यवस्था और समग्र विकास का प्रतीक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ की वैचारिक और आध्यात्मिक पृष्ठभूमि नाथ संप्रदाय की उस प्राचीन परंपरा से जुड़ी है, जिसने भारतीय संस्कृति, साधना और राष्ट्रभाव को सदैव सुदृढ़ किया है।
अशोक बालियान ने बताया कि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद में स्थित गोरखनाथ मंदिर नाथ संप्रदाय की एक प्रमुख आध्यात्मिक पीठ है। इस पीठ के ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ योगी आदित्यनाथ के दीक्षा गुरु रहे, जिन्होंने अजय सिंह बिष्ट को संन्यास की दीक्षा देकर “योगी आदित्यनाथ” नाम प्रदान किया। नाथ संप्रदाय साधना और योग के माध्यम से शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर बल देता है तथा इसका मूल शैव परंपरा से जुड़ा हुआ है, जिसमें भगवान शिव को आदिगुरु माना गया है।
इतिहासकारों और प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, गोरखनाथ मंदिर की परंपरा अत्यंत प्राचीन है। विभिन्न ऐतिहासिक स्रोतों में उल्लेख मिलता है कि इस मंदिर को कई बार ध्वस्त किया गया, किंतु नाथ संप्रदाय के गुरुओं और अनुयायियों ने इसे पुनः स्थापित कर अपनी साधना और सांस्कृतिक परंपरा को जीवित रखा। गुरु मत्स्येंद्रनाथ, गुरु गोरखनाथ और गुरु बुद्धनाथ जैसे सिद्ध योगियों ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ ने गोरखनाथ मठ को आधुनिक संस्थागत स्वरूप देकर इसके धार्मिक, सामाजिक और राष्ट्रीय प्रभाव को व्यापक बनाया।
अशोक बालियान ने कहा कि इसी गुरु–शिष्य परंपरा से निकले योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री के रूप में उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक परिवर्तन किए हैं। उनके नेतृत्व में कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू कर अपराध और माफिया तंत्र पर कठोर कार्रवाई की गई, जिससे आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई। प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक गलियारों, हवाई अड्डों और बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हुआ है। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नए मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों की स्थापना से जनकल्याण को गति मिली है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों का विकास केवल धार्मिक पर्यटन ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनरोत्थान का भी माध्यम बना है। अशोक बालियान ने निष्कर्ष रूप में कहा कि योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व आध्यात्मिक मूल्यों और आधुनिक विकास के संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहा है।











